बरेली। केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी मिशन योजना में चयनित बरेली को स्मार्ट शहर बनाने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया। सरकार से चयनित कंसल्टेंट एजेंसी इंटरनेशनल सिटी मैनेजमेंट और नगर निगम के बीच शहर को स्मार्ट बनाने के प्रोजेक्ट पर एग्रीमेंट का काम पूरा हो गया। इसके बाद कंसल्टेंट एजेंसी के तकनीकी विशेषज्ञों ने 24 बिंदुओं पर सर्वे करने का काम शुरू कर दिया। सबसे पहले तकनीकी एक्सपर्ट जनसंख्या के आधार पर उपलब्ध नागरिक सुविधाओं का डाटा इकट्ठा करेंगे।
कंसल्टेंट एजेंसी के तकनीकी एक्सपर्ट स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में नागरिक भागीदारी, शहर की सांस्कृतिक पहचान, आर्थिक स्थिति और रोजगार की स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, मिश्रित सेवाएं, कांपेक्टनेस, खुले एरिया, हाउसिंग और इन्क्लेब्स, ट्रांसपोर्ट और मोबिलिटी, आईटी कनेक्टिविटी, इंटलीजेंट गर्वनमेंट सर्विसेज, उर्जा आपूर्ति, पेयजल आपूर्ति, वेस्ट वाटर मैनेजमेंट, वायु की गुणवत्ता, उर्जा की पर्याप्तता, अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिक वाइनिंग, वेस्ट मैनेजमेंट, सेफ्टी और चलने योग्य मार्गों की स्थिति आदि बिंदुओं को शामिल करेंगे। बृहस्पतिवार को एजेंसी के तकनीकी एक्सपर्ट करन अग्निहोत्री, जयशाह और शुचि जोशी ने नगर निगम के जलकल विभाग में पहुंचकर वाटर मैनेजमेंट के लिए शहर में जनसंख्या के आधार पर उपलब्ध पेयजल के आंकड़े एकत्र किए। एजेंसी प्रतिनिधियों के मुताबिक सबसे पहले स्मार्ट सिटी के प्रोेेजेक्ट में नगर निगम, आवास विकास, बीडीए और प्रशासन से मिलकर नागरिक सुविधाओं का डाटा कलेक्ट करेंगे। फिर अवैध कालोनियों में रहन सहन के स्तर का अध्ययन करने के लिए बीडीए से नक्शे मांगेंगे। अवैध कालोनियों को स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में अहम स्थान मिलेगा। स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में आने वाली समस्याओं पर चर्चा के लिए 28 अक्टूबर को विभिन्न विभागों के अफसर, कर्मचारी और पार्षदों की कार्यशाला आयोजित की जाएगी।