बरेली। स्मार्ट सिटी मिशन में स्मार्ट कॉलोनी बसाने के मकसद से आवास विकास परिषद के इंजीनियरों की टीम सोमवार को लखनऊ से सीबीगंज के गांवों में पहुंची। यहां टीम ने दो घंटे से भी ज्यादा समय तक आसपास के गांवों का भ्रमण कर जमीन अधिग्रहण के बारे में किसानों से बात की। नई कॉलोनी बसाने के लिए दो सौ से ज्यादा किसान सर्किल रेट से दोगुने मुआवजे पर सहमत बताए गए। हालांकि किसानों को मुआवजे के रेट पर अंतिम निर्णय आवास विकास परिषद मुख्यालय से होना है।
आवास विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता आरएन यादव, एक्सईएन सत्येंद्र कुमार पचौरी और एई एके सक्सेना समेत चार सदस्यीय इंजीनियरों की टीम ने सोमवार को सीबीगंज के हमीरपुर, ट्यूलिया, धनतिया समेत आधा दर्जन गांवों का भ्रमण कर दर्जनों किसानों से जमीन अधिग्रहण पर बात की। इस इलाके में आवास विकास परिषद की अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त स्मार्ट कॉलोनी बसाने के लिए 13 गांवों में जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है। बताया गया कि इंजीनियरों से बातचीत के बाद दो सौ से ज्यादा किसान नई आवासीय कॉलोनी के लिए कुछ शर्तों पर अपनी जमीन देने पर सहमत हैं। इनमें मुख्य शर्त सर्किल रेट से दो गुना मुआवजा देने की है। किसानों का कहना है कि उनको जमीन के बदले सर्किल रेट से कम से कम दो गुना मुआवजा दिया जाए तो वह अपनी जमीन नई कॉलोनी बसाने के लिए दे सकते हैं। अधीक्षण अभियंता ने किसानों की शर्त को बोर्ड में रखने का आश्वासन दिया। सर्वे के बाद इंजीनियरों की टीम लखनऊ रवाना हो गई।
वर्जन
टीम गांवों में किसानों से जमीन के सिलसिले में बात करने गई थी। किसानों की शर्तों को उच्चधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। अधिकारियों के निर्णय के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- एक्सईएन सत्येंद्र कुमार पचौरी