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Bareilly News: स्मार्ट सिटी... नासूर बना अतिक्रमण, जाम लाइलाज

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बरेली। शहर को जाम से निजात नहीं मिल पा रही है। 163 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर बनाकर सीसीटीवी कैमरों से ट्रैफिक की निगरानी का सिस्टम भी काम नहीं आ रहा। वजह है अतिक्रमण। फुटपाथ पर कहीं तारों का मकड़जाल है तो कहीं बाजार सज रहा है। सड़कों पर अवैध पार्किंग की जा रही है। मैकेनिकों ने गैराज खोल रखे हैं। पैदल पथ पर लगे बिजली लाइनों के खंभे आवागमन बाधित कर रहे हैं। सर्किट हाउस से गांधी उद्यान और हेमू कलाणी पार्क से सर्किट हाउस तक सड़क की पटरी तोड़ दी गई है। लोग परेशानी झेल रहे हैं।
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फुटपाथ पर बाजार, सड़क पर हादसे का खतरा
श्यामगंज से सेटेलाइट, श्यामगंज से नगर निगम, गांधी उद्यान से श्यामगंज के मार्ग पर पैदल पथ पर बाजार सजता है। बाजार के सामने सड़क तक दोपहिया वाहन खड़े होते हैं। ऐसे में यहां जाम लगता है और हादसों का भी खतरा रहता है।
सर्किट हाउस रोड और हिंद सिनेमा के पीछे वाले मार्ग का फुटपाथ टूटा
सर्किट हाउस रोड और हिंद सिनेमा के पीछे वाले मार्ग पर पटरी खोदकर डाल दी गई है। एक महीने से लोग दिक्कत झेल रहे हैं। गंदगी फैली है। राहगीर और कारोबारी परेशान हो रहे हैं। अधिकारी देखकर आगे बढ़ जाते हैं।
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श्यामगंज और सेटेलाइट पुल के नीचे अवैध पार्किंग
श्यामगंज और सेटेलाइट पुल के नीचे अवैध पार्किंग से आवागमन बाधित हो रहा है। सेटेलाइट बस अड्डे पर 24 घंटे में 15-18 हजार लोग पहुंचते हैं। स्मार्ट सिटी का यह मुख्य इलाका है, पर यातायात पुलिस और स्मार्ट सिटी के अफसरों ने न तो अवैध पार्किंग हटवाई, न ही यातायात को सुगम बनाया।

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स्मार्ट सिटी पर करोड़ों रुपये खर्च हो गए, पर शहर का हाल नहीं बदला। जगह-जगह गंदगी है। सड़कों पर गड्ढों की वजह से यातायात को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। - बीके तिवारी, सिविल लाइंस
शहर को स्मार्ट बनाने के लिए रुपये पानी की तरह बहाए गए, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी की वजह से शहर के यातायात को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। - मुकेश झा, व्यापारी
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अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान तो लगातार चलता है, लेकिन कुछ लोग दोबारा अतिक्रमण कर लेते हैं। अब ऐसे मामलों में सख्ती बरतेंगे। स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं को शासन की मंशा के अनुरूप संचालित कराना प्राथमिकता में है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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अमर उजाला ब्यूरो
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