केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने जारी की स्मार्ट सिटी की नवीन रैंक
बरेली। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने देश भर की स्मार्ट सिटी की नवीन रैंक जारी की है। जनवरी में जारी रैंक में बरेली को 100 शहरों मेें 85वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसमें बरेली को कुल 28.17 अंक मिले हैं। साल 2019 में इन्हीं दिनों जारी रैंक में बरेली को 89वां स्थान मिला था, जिसके लिहाज से इस बार बरेली ने चार पायदान ऊपर रैंक हासिल की है। इस सूची में गुजरात के अहमदाबाद को प्रथम स्थान मिला है, जबकि महाराष्ट्र के नागपुर को दूसरा स्थान मिला है।
देश के 100 शहरों में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन के आधार पर रैंक दी जाती है। इसमें जारी किए टेंडर, वर्क आर्डर और पूरे हुए विकास कार्यों के लिए अलग-अलग अंक दिए जाते हैं। इसके तहत स्मार्ट सिटी के तहत जारी किए गए फंड और इस पर किए गए कार्यों के आधार पर भी अंक दिए जाते हैं। इन सारे अंकों को मिलाकर जिस शहर को जितने अंक मिलते हैं उसके आधार पर रैंक निकाली जाती है।
यूपी के 11 शहर हैं शामिल
दस शहरों में सियासी रूप से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के सिर्फ एक शहर को स्थान मिला है। 301.75 अंकों के साथ कानपुर सातवें स्थान पर रहा है। 234.25 अंकों के साथ आगरा इस लिस्ट में 13वें स्थान पर रहा, जबकि वाराणसी को 14वां स्थान प्राप्त हुआ है। वाराणसी को कुल 231.91 अंक मिले हैं। इस दौरान 180.14 अंकों के साथ प्रयागराज को 22वां स्थान मिला है। नवाबों की नगरी लखनऊ 140.1 अंकों के साथ 42वें स्थान पर रहा है। 72.84 अंकों के साथ झांसी 60वें पायदान पर रहा है।
कूड़ा निस्तारण और एसटीपी की व्यवस्था हो तो सुधरे रैंक
शहर में कूड़ा निस्तारण और सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था ना होने के चलते बरेली स्मार्ट सिटी की रैंक में अब भी टॉप 50 शहरों में नहीं आ पा रहा है। पिछले दिनों प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने भी कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था ना होने और एसटीपी प्लांट अब तक शहर में ना लगाए जाने को लेकर नाराजगी जताई थी। स्थिति यह है कि शहर के दो पुराने कूड़ा निस्तारण केंद्र रजऊ परसपुर और बाकरगंज इस वक्त बंद पड़े हैं, जिसके चलते कूड़ा निस्तारण का कार्य पूरी तरह ठप है। बाकरगंज में कंपनी को इसे संचालित करने को लेकर कई बार नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं, बावजूद इसके यह कूड़ा निस्तारण केंद्र नहीं चल पा रहा। मंगलवार को इस संबंध में नगर आयुक्त ने एक नोटिस जारी कर संबंधित कंपनी से अपना पक्ष रखने को कहा है। वहीं नए कूड़ा निस्तारण केंद्र के निर्माण को लेकर भी कवायद की जा रही है। वहीं शहर का गंदा पानी अब भी रामगंगा में गिराया जा रहा है जो एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और आदेशों की अवहेलना है। इन सब कमियों के चलते निगम की रैंक में सुधार नहीं आ पा रहा है।