बरेली। स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में इस बार 300 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मंजूरी को रखे जाएंगे। नागरिकता संशोधन कानून चलते 20 दिसंबर को टल चुकी यह बैठक अब 26 दिसंबर होगी। बैठक में मंजूरी मिलने के बाद इन प्रोजेक्ट का टेंडर निकाला जाएगा। इनमें से तमाम प्रोजेक्ट की डीपीआर भी बन चुकी है।
स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में इंटिग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी), हैंडीक्राफ्ट प्रमोशन सेंटर, संजय कम्युनिटी हाल और तालाब, कूड़ा उठाने के लिए ट्रांसफर स्टेशन आदि के प्रस्ताव शामिल हैं। इनमें से इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के तहत सिटी आपरेशन एंड मानीटरिंग सेंटर का निर्माण किया जाना है। इसके जरिये इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सिटी सर्विलांस, ई-गवर्नेंस (सिंगल विंडो क्लीयरेंस), स्मार्ट पार्किंग, इन्वायरमेंटल सेंसर, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, डाटा डिजिटलाइजेशन आदि कार्य किए जाने हैं।
इस पूरे प्रोजेक्ट पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की तकनीकी टीम ने मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव पास होने के बाद टेंडर निकालने की प्रक्रिया होगी। यह प्रोजेक्ट करीब 204 करोड़ रुपये का है। वहीं, इसकी बिल्डिंग के निर्माण पर करीब 19.3 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। हैंडीक्राफ्ट प्रमोशन सेंटर के प्रोजेक्ट पर करीब 45.98 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
संजय कम्युनिटी हाल के बराबर में बनेगा एक और भवन
बोर्ड बैठक में संजय कम्युनिटी हाल के प्रस्तावित प्रोजेक्ट मेें फेरबदल पर चर्चा होगी। टेक्निकल ऑडिट में अलीगढ़ विश्वविद्यालय की टीम संजय कम्युनिटी हाल की पुरानी बिल्डिंग पर दूसरी मंजिल बनाने पर अहसमति जता चुकी है। अब यहां संजय कम्युनिटी हाल के बगल में एक अन्य भवन बनाने का प्रस्ताव। इसके 36 वर्ष पुराने भवन का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। साथ ही ऑडिटोरियम, रेस्टोरेंट, लाउंज, कैफे, आफिस स्पेस विकसित किया जाना है। इस पर 20.40 करोड़ का बजट खर्च किया जाएगा। इसी तरह चार जोन में चार ट्रांसफर सेंटर बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा, जहां शहर भर का कूड़ा इकट्ठा करने और वेस्ट मैनेजमेंट सेंटरों पर भेजने की व्यवस्था की जाएगी। इस पर करीब आठ करोड़ का खर्च आएगा।
स्मार्ट सिटी को लेकर इन सभी प्रोजेक्ट में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को डीपीआर भेजी गई थी। कई प्रोजेक्ट को तकनीकी क्लीयरेंस मिल गई है। आगामी बोर्ड बैठक मेें इनके प्रस्ताव रखे जाएंगे, जिसके बाद करीब 300 करोड़ के प्रोजेक्ट के टेंडर निकालने का रास्ता साफ हो जाएगा।
- सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त