बरेली। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने के लिए गांव सतरापुर के 17 किसानों के साथ बुधवार को कलक्ट्रेट में अफसर मीटिंग करेंगे। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने सभी किसानों को सूचना भेज दी है। प्लांट के लिए इन किसानों की जमीनें खरीदी जानी है, जिन पर मीटिंग में निर्णय लिया जाएगा।
केंद्र सरकार की 2005 में मंजूरी के बाद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट रजऊ परसपुर में इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी से सटी जमीन पर बना था, जिसका 13 मार्च 2013 को एकेसी डेवलपर्स ने संचालन शुरू किया। प्लांट शुरू होते ही नगर निगम और इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति उमेश गौतम के बीच खींचतान शुरू हो गई। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट में मुकदमे चले, जिसके बाद मई 2014 में एनजीटी ने प्लांट बंद करने का आदेश दिया। 2017 में मेयर बनने से पहले उमेश गौतम ने नगर निगम को फरीदपुर के गांव बहगुलपुर में प्लांट लगाने के लिए करीब 110 बीघा जमीन खरीदकर दान में दी। तत्कालीन नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव यहां प्लांट लगवाने की प्लानिंग कर रहे थे। इसी बीच फरवरी में उनका ट्रांसफर हो गया। उनके बाद निगम अफसरों ने इस जमीन को शहर से ज्यादा दूरी पर बताते हुए प्लांट के लिए उपयुक्त नहीं माना। अब नगर निगम ने नेशनल हाईवे पर रजऊ के पास गांव सतरापुर में प्लांट लगाने के लिए 10 एकड़ जमीन देखी है। 18 दिसंबर को कलक्ट्रेट में चिह्नित जमीन की खरीद के लिए 17 किसानों से वार्ता की जाएगी। इसमें भू-स्वामियों से यह सहमति ली जानी है कि वह किस सर्किल रेट पर भूमि बिक्री करने को राजी है।
‘सॉलिट वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सतरापुर में जमीन खरीदी जानी है। इसके लिए 17 किसानों को वार्ता के लिए 18 दिसंबर को कलक्ट्रेट में बुलाया गया है। उन्हें इसकी सूचना भी भेज दी गई है।’
- मदन कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी