बरेली। स्मार्ट सिटी योजना के तहत 13 करोड़ की लागत से तीन साल पहले बनकर तैयार हुआ स्काई वॉक महज शोपीस बनकर रह गया है। मुख्यमंत्री के आगमन से ठीक एक दिन पहले इससे गिरकर युवक की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद चौतरफा घिरे और फजीहत झेल रहे नगर निगम ने अब स्काई वॉक की टेंडर प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की तैयारी कर ली है।
डेढ़ साल पहले भी इसके संचालन की कवायद हुई थी। उस दौरान आनंदी इंटरप्राइजेज, अर्पित इंटरप्राइजेज और लॉजिस्टिक इंटरप्राइजेज ने इसके संचालन और रखरखाव में रुचि दिखाई थी। लंबी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आनंदी इंटरप्राइजेज को 15 साल के लिए स्काई वॉक के संचालन की कमान सौंपी भी गई थी, लेकिन उसने खुद ही पांव पीछे खींच लिया। नगर निगम ने कंपनी को कई बार नोटिस भी भेजे और खुद संचालन करने का दावा भी किया, लेकिन सारी कवायद धरी रह गई।
हादसे के बाद अब इस मुद्दे पर सियासत भी गरमा गई है। सपा नेता मयंक शुक्ला इस मुद्दे को लेकर नगर निगम पर हमलावर है। उनका कहना है कि यह जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी है। इन हमलों से निगम बैकफुट पर है। युवक की मौत ने अधिकारियों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि स्काई वॉक के लिए नए सिरे से टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।