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सील स्लाटर हाउस में मिला पशु खालों का जखीरा

Fri, 04 Dec 2015 01:31 AM IST
बरेली
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बहेड़ी/रिछा। कस्बे के मोहल्ला बाजार नूर अहमद स्थित नेताओं के चहेते के  अवैध स्लाटर हाउस पर पुलिस ने छापामार कर करीब 300 प्रतिबंधित पशुओं की खालें और मांस बरामद किया है। छापे की भनक पर आरोपी गोदाम में ताला डालकर फरार हो गए। पुलिस ने गोदाम का ताला तोड़कर देखा तो उसमें भारी मात्रा में खालें व मांस के अलावा वध करने के औंजार थे।  इससे पहले भी पुलिस ने इसी गोदाम से बड़ी मात्रा में खालें बरामद की थीं।
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बृहस्पतिवार की सुबह छह बजे देवरनियां थाने की सिंधौरा पुलिस चौकी की टीम रिछा कस्बे के बाजार मोहल्ले में नूर अहमद के मकान नुमा गोदाम पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले ही गोदाम को बंद करके आरोपी भाग चुके  थे। पुलिस ने गोदाम का ताला तोड़कर देखा तो उसमें प्रतिबंधित पशुओं का मांस था। सूचना मिलते ही एसओ देवरनियां अमर सिंह मौके पर पहुंचे गये। सीओ ने तत्काल रिछा में पीएसी तैनात कर आगे की कार्रवाई के आदेश दिये। पुलिस ने गोदाम का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो मौके से प्रतिबंधित पशु का कुछ मांस बरामद हुआ। साथ ही करीब तीन सौ खालें बरामद की गई। पास के एक कमरे में कुल्हाड़ी, छुरियां, रस्सी व तराजू बांट आदि बरामद किये गये। इसके बाद पुलिस ने इसी गोदाम के पास बनी करीब 12 दुकानों पर छापा मारा तो दुकानदार दुकानें खुली छोड़कर भाग खडे़ हुए वहां से भी प्रतिबंधित पशुओं का मांस बरामद किया गया। पुलिस को करीब 12 कुंतल प्रतिबंधित पशु का मांस बरामद हुआ। मांस व खालों को ट्रकों में भरकर पुलिस थाने ले गई। वहां पर पशु चिकित्साधिकारी से जांच कराने पर इस बात की पुष्टि हुई कि यह प्रतिबंधित पशु की ही खालें व मांस हैं। पुलिस ने उसे पास के मैदान में जेसीबी से गड्डा कराकर दफन करा दिया।

इस गोदाम को तो 2013 में सील कर दिया था
बहेड़ी/देवरनियां। एक जुलाई 2013  को क्राइम ब्रांच की टीम ने रिछा कस्बे के करीब पांच गोदामों में छापा करीब 15 सौ प्रतिबंधित पशुओं की खालें व एक ट्रक में भरा 250 कुंतल मांस व एक मिनी ट्रक में 10 कुंतल मांस बरामद किया था। इसमें नौ लोगों को मुल्जिम बनाया गया था। इसमें से इस्लाम, अकरम, बबलू, मंजले व तसलीम निवासी मोहल्ला बाजार के खिलाफ चार्जशट दाखिल की गई थी। इसकी जांच एसआईएस को ट्रांसफर हो गई । एसआईएस ने जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इधर सभी नौ आरोपियों की जमानत भी हो गई। उसके बाद से न तो पुलिस ने कोई कार्रवाई और न ही एसआईएस ने जांच की। क्राइम ब्रांच ने करीब पांच गोदामों पर छापे मारे थे। जिसमें से एक गोदाम यह भी था। पांचों गोदाम सील किये गये, लेकिन इधर एक साल से इस गोदाम में यह काम तेजी के साथ दोबारा शुरू हो गया।
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खादी व खाकी के साये में पनप रहा है मांस का कारोबार
रिछा। खादी व खाकी के साये में रिछा कस्बा इस धंधे के लिए दूर दूर तक जाना जाता है। इससे पहले के छापे में भी खादी वालो ने आरोपियों को बचाने को जमकर पैरवी की थी और इस बार भी खादी वाले आरोपियों को बचाने की जुगत में लगे रहे। पुलिसिया कार्रवाई के दौरान सामने तो कोई नही नजर आया लेकिन पर्दे के पीछे से सारा खेल चलता रहा। वहीं दूसरी ओर देर शात तक पुलिस ने इस मामले में मुकदमा कायम नही किया था। अगर गौर करें तो रिछा कस्बा पशु तस्करी का हब बन गया है। यहां गलियो में बने बडे़ बडे़ गोदामों में प्रतिदिन भारी मात्रा में प्रतिबंधित पशुओं का वध कर मांस की बिक्री की जाती है।
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