बरेली। कल तक खुद को समाजवादी पार्टी का वफादार बता रहे फरीदपुर विधायक सियाराम सागर ने आज मन की बात कह दी। बोले- पार्टी के आंदोलनों में लाठी डंडे हमने खाए और टिकट किसी और को मिले तो दिल दुखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय सिंह के पिता एडीएम रामेश्वर दयाल रहने के दौरान बसपा के खास रहे हैं। सपा में उनका कोई योगदान नहीं है और संजय छह महीने पहले ही पार्टी ज्वाइन की थी।
सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट संजय सिंह को मिलने के बाद लखनऊ में डेरा डाले फरीदपुर विधायक डॉ. सियाराम सागर ने मंगलवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की। पुत्रवधु कल्पना सागर के लिए टिकट देने को कहा लेकिन सूत्रों ने बताया कि संसद सत्र में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो रहे सपा मुखिया ने उन्हें लौटकर आने के बाद बात करने को कहा है। फरीदपुर विधायक ने बताया कि वह लखनऊ से अब तक आएंगे जब नेताजी से बात हो जाएगी। उन्होंने कहा कि नेताजी से पुराने संबंध हैं और उनके प्रति हमने सदैव वफादारी निभाई है। सपा के लिए लाठी डंडे खाए हैं इसलिए टिकट पर हक हमारा बनता है। बोले- हमें टिकट का आश्वासन मिला था इसलिए बहू को चुनाव लड़वाया और वैसे भी जिला पंचायत के पर्याप्त सदस्य हमारे साथ हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि नेताजी उनकी बात सुनेंगे। सकारात्मक संकेत मिले हैं इसलिए टिकट में फेरबदल की पूरी उम्मीद है।
संजय ने कल बुलाई पार्टी
सपा के जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी संजय सिंह ने अपने पक्ष के जिला पंचायत सदस्यों और सपा के सारे पदाधिकारियों के लिए बृहस्पतिवार 17 दिसंबर को पार्टी बुलाई है। संजय ने बताया कि यह पार्टी सबसे आशीर्वाद हासिल करने के लिए बुलाई गई है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि पार्टी कहां होगी। उन्होंने दावा किया कि फरीदपुर विधायक सियाराम सागर उनके साथ ही हैं। बसपा के खास होने के सागर के आरोप पर बोले- कभी बसपा में नहीं रहा। आरोप गलत है।