बरेली की जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।
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चिकित्सकों के मुताबिक, बड़ी संख्या में पहुंच रहे सेल्फ सस्पेक्टेड मरीजों को संभालना हुआ मुश्किल
बरेली। कोरोना की दहशत इस कदर लोगों पर हावी है कि मौसम में आए बदलाव की वजह से बीमार होने पर भी लोग खुद को कोरोना का मरीज मानने लगे हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले करीब माह भर में छह हजार से ज्यादा लोग खुद को कोरोना का मरीज मानकर पैथोलॉजी में जांच कराने पहुंचे हैं, जबकि इसमें से ज्यादातर सामान्य फ्लू से ही पीड़ित थे। भारी संख्या में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए अफसरों ने कोरोना के संक्रमण के बाबत पोस्टर भी जगह-जगह चिपकाए हैं, फिर भी लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं, जिससे वास्तविक मरीजों को इलाज देने में परेशानी आ रही है।
जिला अस्पताल के ब्लड यूनिट प्रभारी यूवी सिंह के मुताबिक, पिछले दिनों लोगों की भारी भीड़ के चलते पैथोलॉजी में धक्कामुक्की की नौबत आ रही थी। ऐसे में अगर कोई संक्रमित व्यक्ति इस भीड़ में शामिल हो जाए तो वह कइयों को संक्रमित कर सकता है। यह जानकारी देने के बावजूद लोग कोरोना की जांच कराने पर आमादा हैं। वहीं आईडीएसपी प्रभारी मीसम अब्बास के मुताबिक, कोरोना का सैंपल सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए जाने के निर्देश हैं, जो विदेश से लौटे हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे हों। इनके अलावा अन्य लोगों का सैंपल नहीं लिया जा सकता है। सुझाव दिया है कि अगर कोई व्यक्ति इन दोनों में से नहीं है तो उसका सैंपल नहीं लिया जाएगा। उन्होंने बरेली में अब तक एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिलने की बात कही है। उनका सुझाव है कि जब बेहद जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें। साथ ही सर्दी, जुकाम, बुखार से ग्रसित लोग सीधे चिकित्सक के पास अपने सामान्य इलाज के लिए जाएं।
इन स्थानों की ज्यादा आवाजाही कर सकती है संक्रमित
- डॉक्टर, फार्मेसी या अस्पताल जाने से बचें
- स्वास्थ्य कर्मी से फोन या ऑनलाइन बात करें
- खुद को दूसरों के संपर्क से बचाएं, घर में रहें
- स्वास्थ्य कर्मी खुद ही संपर्क करने आएंगे
- कोरोना की आशंका पर सैंपल ले सकते हैं
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर आगे सुझाव देंगे