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Bareilly News: नकटिया व किला नदी के किनारे अतिक्रमण कर बना लीं छह हजार कोठियां

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बरेली। नकटिया व किला नदी के किनारे अतिक्रमण कर करीब छह हजार कोठियां बना ली गई हैं। चक्की व एक्सपेलर जैसी व्यावसायिक गतिविधियां भी चल रही हैं। अब बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) इन क्षेत्रों में किए गए अवैध कब्जों को चिह्नित कर कार्रवाई करने की योजना बना रहा है।
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बरेली विकास प्राधिकरण की तरफ से मास्टर प्लान-2031 में रामगंगा नदी व नकटिया नदी के किनारे करीब 30 मीटर चौड़े ग्रीन बेल्ट का प्रावधान किया गया है। इन दोनों नदियों के निकटवर्ती क्षेत्र में मानचित्र स्वीकृति के लिए सिंचाई विभाग की एनओसी को अनिवार्य किया गया है। नकटिया नदी महानगर कॉलोनी, आशीष रायल पार्क, ग्रीन पार्क, बीसलपुर रोड व शाहजहांपुर मार्ग के करीब से होकर गुजरी है।
इन इलाके में काफी संख्या में लोगों ने अवैध तरीके से आलीशान कोठियां बना रखी हैं। इसको लेकर पूर्व में बीडीए के उच्चाधिकारियों ने आंखें मूंद रखी थीं। अब ऐसे स्थलों को चिह्नित करके कार्रवाई करने की तैयारी में है। किला क्षेत्र में कटघर, स्वाले नगर, किला छावनी, मिनी बाइपास, बाकरगंज में लोगों ने किला नदी के किनारे अतिक्रमण कर बड़े-बड़े काॅम्प्लेक्स व कोठियां बना रखी हैं।
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डोहरा रोड पर नकटिया पुल के किनारे घेर ली जमीन
डोहरा रोड पर नकटिया पुल के किनारे जमीन पर मिट्टी भरकर बीम व पिलर देकर अतिक्रमण करने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि सबकुछ खुलेआम दिखने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय नामालूम किस चीज का इंतजार कर रहे हैं। कहीं आवास नदी के एकदम किनारे पर बने हैं तो कहीं पीछे। कुछ लोगों ने तो रुहेलखंड विश्वविद्यालय की दीवार को अतिक्रमण का सहारा बना लिया है।
आठ किमी में जगह-जगह पर हैं अवैध कब्जे
बहेड़ी क्षेत्र के दीननगर गांव से शुरू हुई नकटिया नदी बरेली में बड़ा बाइपास के आगे जाकर रामगंगा में समाहित हो जाती है। नदी नैनीताल रोड से बीसलपुर रोड की ओर आती है। इस आठ किमी हिस्से में जगह-जगह अवैध कब्जे हैं।

छिटपुट कार्रवाई से नहीं चलेगा काम, चलाना होगा बड़ा अभियान
बीडीए ने तीन जनवरी 2026 को नकटिया नदी के पास चार हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बसाई जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया था। कुछेक अन्य छोटी-मोटी कार्रवाइयां भी हुईं, लेकिन ये नाकाफी हैं। नदियों के किनारे अवैध कब्जों को हटाने के लिए बड़े अभियान की जरूरत है। तभी नदियों का डूब क्षेत्र और हरित पट्टी की जमीन कब्जे से मुक्त हो सकेगी।
वर्जन
रामगंगा व नकटिया नदी के किनारे अवैध कब्जों की जांच कराकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाई फ्लड जोन के मानकों को पूरा नहीं करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। - सौम्या पांडेय, उपाध्यक्ष, बीडीए
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