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छह घोटालेबाज इंजीनियर किए सस्पेंड फिर भी साल भर ही दुरुस्त रह पाई बीसलपुर रोड

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बीसलपुर रोड पर किए गए कब्जे। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बीसलपुर चौराहे से शुरू होकर शहर के बाहर तक सड़क पर गड्ढों की भरमार, दोनों तरफ अवैध कब्जे भी
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सीतापुर फोरलेन की तरह बीसलपुर रोड पर भी घोटाले की छाया ऐसी पड़ी कि रोजाना भारी ट्रैफिक ढोने वाली यह सड़क उबर नहीं पाई। पिछले साल इस सड़क के निर्माण में भारी घोटाला सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री के आदेश पर छह अफसरों को सस्पेंड कर एक बार फिर सड़क बनाने के लिए बजट मंजूर किया गया था लेकिन पहले तो सड़क का निर्माण ही लंबे समय तक लटका रहा फिर सड़क बनी तो उसकी गुणवत्ता पर छह अफसरों के निलंबन का कोई असर नहीं दिखा। बमुश्किल साल भर पूरा हुआ और अब फिर इस सड़क पर गड्ढों की भरमार है। रही-सही कसर इस सड़क पर भी अवैध कब्जों ने पूरी कर रखी है। पीलीभीत बाईपास से शुरू होने वाले अवैध कब्जे शहर की सीमा के बाद भी खत्म होने में नहीं आते।

बीसलपुर रोड पर पहले भी पैचवर्क कराया जा चुका है। अक्तूबर में सड़क का सर्वे कराकर गड्ढों को फिर चिन्हित कराने के बाद पैचवर्क कराया जाएगा। - पीके बांगड़ी, एक्सईएन पीडब्लूडी निर्माण खंड

बरेली से बीसलपुर सड़क पर हो गई गड्ढों की शुरूआत

पीलीभीत बाईपास से बीसलपुर की ओर मुड़ते ही हालांकि रुहेलखंड पुलिस चौकी है लेकिन पुलिस का खौफ नजरअंदाज यहीं से सड़क पर कई रेत-बजरी का अवैध कारोबार करने वालों का कब्जा शुरू हो जाता है। इन लोगों ने बजरी के ढेर इस बेपरवाही से सड़क किनारे डाल रखे हैं कि बजरी सड़क तक फैली हुई है। खुद पुलिस ने भी तमाम लावारिस वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर रखा है। ग्रीन पार्क कॉलोनी के आगे बाजार में फिर रेत-बजरी के ढेरों के साथ ईंट के बड़े-बड़े चट्टे सड़क तक लगे हुए हैं। दिनभर सड़क किनारे ट्रालियां लगी रहती है। इससे यहां बाजार में मोड़ पर दिन में कई बार जाम लगता है।

नकटिया पुल के पास बगैर निर्माण छोड़ दी सड़क, किनारों से दरक रही मिट्टी

नकटिया पुल के बराबर में सड़क का निर्माण किया नहीं गया है। नए बनाए गए पुल की रेलिंग भी सिर्फ दो फुट ऊंची है जिसके बराबर से काफी मिट्टी भी दरक चुकी है। हादसे का खतरा होने के बावजूद यहां न कोई संकेतक बोर्ड लगाया गया है और ही रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं। इससे वाहन चालकों को पुल की रेलिंग का अंदाजा ही नहीं लग पाता है। जरा सी चूक होने पर यहां वाहन पलट सकता है।

प्रमुख स्कूलों के सामने गहरे गड्ढे कई जगह पूरी सड़क उधड़ चुकी

एसआर इंटरनेशनल स्कूल से पहले और बाद दोनों ओर सड़क पर कई गहरे गड्ढे हैं। दोनों तरफ गड्ढों से पहले स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। इस वजह से करीब सौ मीटर तक वाहन हिचखोले खाते हुए आगे बढ़ते हैं। गड्ढों और लंबे स्पीड ब्रेकर की वजह से यहां ट्रैफिक की रफ्तार भी थमी रहती है। राधा माधव स्कूल और सरदार पटेल इंटर कॉलेज के आसपास भी सड़कों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। कई जगह सड़क भी बुरी तरह उधड़ चुकी है और उसकी गिट्टी तक बाहर निकल आई है। लोगों के मुताबिक यहां अक्सर दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं। गड्ढे इतने गहरे हैं कि उनमे बाइक का पहिया जाने पर रिम तक टेढ़ा हो जाता है।

कुंआटांडा में सड़क पर एक तरफ रेत के ढेर, दूसरी तरफ अवैध सर्विस सेंटर

कुंआटांडा गांव के पास सड़क पर कुछ दुकानदारों ने एक तरफ रेत-बजरी के ढेरों को सड़क तक डाल रखा है। यहीं पर गाड़ियाें की धुलाई के लिए सड़क की सीमा में ही अवैध कब्जा करके सर्विस सेंटर बना लिया गया है। सर्विस सेंटर का पक्का रैंप सड़क तक बनाया गया है। गाड़ियों की धुलाई करते हुए पानी सड़क तक पहुंचता है जिससे सड़क पर फिसलन रहती है। इसके आगे भी कुछ दुकानदारों ने कब्जे कर रखे हैं।

खतरनाक कट पर हादसे रोकने के लिए बनना था फ्लाईओवर पर फाइल ही दबी

दिल्ली-लखनऊ को जोड़ने वाले बड़ा बाईपास नवदिया झादा में बीसलपुर रोड पर खतरनाक कट है जहां आए दिन होने वाले हादसों में हर साल दर्जनों जानें चली जाती हैं। पिछले साल हादसों को रोकने के लिए यहां फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया था लेकिन अब उसकी फाइल ही दबकर रह गई है। पीडब्ल्यूडी की ओर से इस फ्लाईओवर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजने के साथ सर्वे कराकर इसकी अनुमानित लंबाई भी 1000 मीटर तय कर दी गई थी ताकि भविष्य में अगर बड़ा बाईपास आठ लेन या ज्यादा चौड़ा किया जाए फ्लाईओवर काम करता रहे मगर पीडब्ल्यूडी की ओर से शासन में इस प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए भी कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
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