दोहरीकरण से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
रेल लाइनों का दोहरीकरण होने के बाद बरेली से ट्रेनों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इज्जतनगर मंडल के तहत अभी सीमित संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इसका एक कारण इकहरी रेल लाइनों का होना है। दोहरी रेल लाइनों के बाद उत्तराखंड, बरेली के लिए पूरे देश से बेहतर ट्रेन कनेक्टिविटी मिल सकेगी। ज्यादा गाड़ियों का संचालन किया जा सकेगा।
रेलखंड--- किलोमीटर---एफएलएस बजट
भोजीपुरा-लालकुआं---65---15.60 करोड़
काठगोदाम-लालकुआं---22---52.80 लाख
रामपुर-लालकुआं---66---15.84 करोड़
सीवान-थावे---28.20---67.68 लाख
भोजीपुरा बाइपास---14---33.30 लाख
छपरा ग्रामीण बाइपास---30---72 लाख
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे के छह और रेल खंडों के दोहरीकरण के लिए एफएलएस मंजूरी के साथ बजट भी जारी हो गया है। आने वाले समय में बरेली, उत्तराखंड से ट्रेनों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
सीनियर डीसीएम संजीव शर्मा ने बताया कि कासगंज-मथुरा के बीच सर्वे शुरू हो चुका है। छह और रेल खंडों के दोहरीकरण के लिए भी मंजूरी मिल गई है। इसके लिए जल्द काम शुरू हो जाएगा।
देश के कोने-कोने के लिए मिलेगी बरेली से गाड़ी, बढ़ेगी ट्रेनों की संख्या
रेल मंत्रालय ने देश के 48 रेलवे स्टेशनों को अगले पांच साल के पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया है। इनमें बरेली भी शामिल है। इन जिलों के रेलवे स्टेशनों के लिए अगले 50 साल की जरूरतों के हिसाब से विकसित किया जाएगा। बरेली जंक्शन, बरेली सिटी, इज्जतनगर, भोजीपुरा, कैंट, रामगंगा रेलवे स्टेशनों पर भी ट्रेनों के संचालन की सीमा को बढ़ाया जाएगा।
बरेली जंक्शन के लिए पहले ही 350 करोड़ की लागत की परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं। पिछले साल भी यहां 120 करोड़ की छह परियोजनाओं को मंजूरी के साथ बजट जारी किया जा चुका है। इनमें 26-26 कोच की दो वॉशिंग लाइन, एसी मेंटीनेंस शेड और यार्ड की रिमॉडलिंग शामिल है। इज्जतनगर, बरेली सिटी, भोजीपुरा, पीलीभीत रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत योजना के तहत कायाकल्प का काम पूरा हो चुका है।
कैंट रेलवे स्टेशन भी बनेगा ऑपरेशनल
कैंट रेलवे स्टेशन पर फिलहाल पैसेंजर गाड़ियों का ही ठहराव होता है। इस रेलवे स्टेशन को भी ऑपरेशनल बनाया जाना है। दरअसल, बरेली से कैंट-रामगंगा-चंदौसी होकर गुजरने वाली अप-डाउन 12 फास्ट व सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव बरेली में न होने के कारण यहां के लोगों को इन गाड़ियों का लाभ नहीं मिल पाता। कैंट और रामगंगा स्टेशन के विकास के बाद इन ट्रेनों का भी बरेली में ठहराव होने लगेगा।