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Bareilly News: दहेज उत्पीड़न में पति समेत छह लोगों को तीन-तीन साल की कैद

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बरेली। दहेज में दस लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को घर से निकालने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव की अदालत ने पति, सास-ससुर समेत छह ससुराल वालों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है।
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किला थानाक्षेत्र की विवाहिता ने 30 जून 2018 को थाने में तहरीर देकर बताया कि बहेड़ी के एक गांव निवासी युवक से उसका निकाह 23 अप्रैल 2017 को हुआ था। शादी के कुछ समय बाद पति, सास, ससुर, जेठ, जेठानी और देवर दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करने लगे। आरोप है कि देवर ने 18 अगस्त 2017 की रात को विवाहिता को गलत नीयत से पकड़ लिया। शोर मचाने पर मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए। परिवार के लोग इकट्ठा हुए तो उन्होंने कहा कि यहां रहना है तो ये सब सहना होगा।
19 अगस्त को पति के घर आने पर विवाहिता ने उसे घटना की जानकारी दी। इस पर पति ने झूठा आरोप लगाने की बात कहते हुए विवाहिता को पीट दिया। इससे उसके एक कान का पर्दा फट गया। विवाहिता के पिता समझाने आए तो उनके साथ भी अभद्रता की गई। इसके बाद ससुराल वालों ने विवाहिता को घर से निकाल दिया। तहरीर पर पुलिस ने दहेज उत्पीड़न, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। एडीजीसी हरेंद्र पाल सिंह राठौर ने अभियोजन का पक्ष रखा। अदालत ने पति समेत सभी छह आरोपियों को दहेज उत्पीड़न का दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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देवर को भुगतनी होगी सात साल की सजा
देवर को अदालत ने सात साल की सजा सुनाई है। विवाहिता ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान अपने बयान में कहा था कि देवर ने उसे रात्रि में अकेला पाकर दुष्कर्म का प्रयास किया। कपड़े फाड़ दिए। अदालत ने इसका संज्ञान लेते हुए देवर को दुष्कर्म के प्रयास में सात साल कैद की सजा सुनाई है। संवाद
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