बदायूं। इस भीषण गर्मी में विद्युत निगम सबसे लापरवाह साबित हुआ है। फिर चाहें बिजली आपूर्ति का मामला हो या फिर बिजली से होने वाले हादसों का...। ज्यादा पुरानी बात न करें तो पिछले पांच दिन में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें पांच लोगों की मौत तो बिजली के जर्जर तार टूटने से हुई है। जबकि, एक बालक की मौत डनलप पर ट्रांसफॉर्मर रखवाने से हो गई। इसमें भी कहीं न कहीं विद्युत निगम के अधिकारी जिम्मेदार हैं। हैरानी की बात यह है कि आज भी अधिकारी कॉल नहीं उठा रहे।
पहले हादसे का जिक्र करें तो 30 जुलाई की सुबह करीब चार बजे बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव हरगनपुर में बिजली का तार टूटकर गिरा था और उसकी चपेट में आने से 40 वर्षीय किसान ओमकार की मौत हो गई थी। उस दौरान वह अपने खेत में धान की सिंचाई कर रहे थे। उसी दिन रात में उसावां कस्बे में एक बड़ा हादसा हुआ था।
वार्ड नंबर तीन में हाईटेंशन लाइन टूटकर मकान की फेंसिंग पर गिर गई थी। उसकी चपेट में आने से 60 वर्षीय राजेंद्री देवी और उनके 35 वर्षीय बेटे उमेश की मौत हो गई थी। उसावां कस्बे का यह सबसे बड़ा हादसा था। अपनी लापरवाही की वजह से विद्युत निगम के अधिकारी और कर्मचारी इतना डर गए थे कि वह तुरंत मौके पर नहीं पहुंचे थे। बाद में पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे, तब कहीं हाईटेंशन लाइन ठीक कराई गई थी।
हाईटेंशन लाइन टूटने का शुक्रवार को तीसरा हादसा हुआ, जिसमें बाइक सवार दंपती की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस हादसे के दौरान भी विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को कॉल की गई लेकिन किसी ने रिसीव नहीं की। विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जरीफनगर में तो मौत को दावत देने वाली हरकत कर डाली। ट्रांसफॉर्मर को डनलप पर ही रखवा दिया गया। नतीजा यह रहा कि एक बालक की जान चली गई।