बरेली। घोटाले से जुड़े छह भूमि अधिग्रहण पीलीभीत के हैं। ये सभी अधिग्रहण वर्ष 2023 में हुए। तब पीलीभीत के लिए अलग से विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी की नियुक्ति नहीं थी। बरेली के विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के पास कार्यभार था। पीलीभीत में रिकाॅर्ड खंगाले गए तो यह स्थिति सामने आई।
वर्ष 2020 में परियोजना शुरू हुई। वर्ष 2021 में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी नामित किए। जनवरी 2023 तक बरेली के विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के पास ही पीलीभीत का कार्यभार था। तब पीलीभीत जिले के भूमि अधिग्रहण और मूल्यांकन संबंधी प्रस्ताव बरेली ही भेजे जाते थे। अब खुलासा हो रहा है कि जिन मामलों में फर्जीवाड़ा सामने आया है, वह पुराने हैं। इनका रिकाॅर्ड भी अब बरेली में नहीं है। बरेली के विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने बताया कि पहले ही सारे रिकाॅर्ड पीलीभीत भेजे जा चुके हैं। अब शासन स्तर से जांच होने पर ही स्पष्ट होगा कि कहां क्या गड़बड़ी हुई है? ब्यूरो