सैदपुर हाकिंस में नगर निगम प्रशासन की टीम ने सोमवार को सभी छह शुष्क शौचालय तोड़ दिए। लोगाें ने विरोध करने की कोशिश की तो उन्हें नियम-कानून का डर दिखाकर खामोश कर दिया गया। निगम प्रशासन ने ये शौचालय बनवाने वाले लोगाें के खिलाफ इज्जतनगर थाने में तहरीर भी दे दी है। इसके अलावा सफाई नायक अमरदीप को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है।
आधुनिक युग में शुष्क शौचालयों का प्रयोग कर शहर की साख को बट्टा लगाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान की हवा निकालने वाले मुद्दों को लेकर अमर उजाला ने पिछले दिनों कई खबरें प्रकाशित कीं। इनका संज्ञान लेकर नगर आयुक्त ने सैदपुर हाकिंस में सफाई और स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर इशहाक, इक बाल, जाहिद, यासीन, अफसरी और अजीज के शुष्क शौचालय तुड़वा दिए। इन लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर भी दी गई है। नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुष्क शौचालयों का प्रयोग करने वालों के अलावा मैला ढोने वाले और यह गंदा काम करवाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। सफाई नायक अमरदीप को नोटिस जारी करके पूछा गया है कि उनके क्षेत्र में प्रयोग किए जा रहे शुष्क शौचालयों की जानकारी उन्हें क्यों नहीं थी। इसके अलावा उन्हें इलाके में एक भी शुष्क शौचालय न होने का शपथ पत्र देने को कहा गया है।
निगम पहुंचीं सुशीला, बोलीं- अब नहीं करूंगी यह काम
महिला जागृति मंच की अध्यक्ष डॉ. मनु नीरज ने अमर उजाला की खबर पढ़कर सुशीला को मैला ढोने से मुक्त कराने का जिम्मा उठाया है। सोमवार को वह मंच की सदस्यों के साथ नगर निगम पहुंच गईं। उनके साथ सुशीला भी थीं। सुशीला ने नगर आयुक्त को शपथ पत्र दिया है कि वह अब मैला ढोने का काम नहीं करेंगी। डॉ. मनु नीरज ने नगर आयुक्त से सुशीला को डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के काम में लगी एजेंसी हरी-भरी सेे या फिर संविदा पर सफाई कर्मचारी की नौकरी देने की मांग की। नगर आयुक्त ने समिति की महिलाओं को आश्वासन दिया है कि वह चुनाव के बाद सुशीला को काम दिलवाएंगे।