बरेली। पांच महीने पहले थाना भमौरा के आलमपुर जाफराबाद में हुए संतोष हत्याकांड के छह आरोपियाें की जमानत अर्जी कोर्ट ने मंजूर कर ली है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने किया है।
मामले की रिपोर्ट मृतक संतोष के भाई कृष्ण कुमार शर्मा ने लिखाई थी। रिपोर्ट में कहा था कि 8 नवंबर 2023 को रात 9 बजकर 30 मिनट पर उसके भाई संतोष शर्मा खेत से वापस घर आ रहे थे। वहां से कुछ दूरी पर कुछ लोग जुआ खेल रहे थे। इस पर सरदार नगर की पुलिस चौकी पर मौजूद एंबुलेंस चालक चाढ़पुर निवासी विजय के साथ पुलिस कर्मी जुआरियों को पकड़ने के लिए आए तो सारे जुआरी भाग गए। पुलिस किसी को नहीं पकड़ पाई। तब पुलिस वालों ने खेत से वापस आ रहे उसके भाई संतोष को दौड़ाकर पकड़ लिया। उससे पूछने व धमकाने लगे कि जुआ खेलने वाले लोगों के नाम बताओ। उसके भाई ने बुराई-भलाई के डर से नाम बताने से इंकार कर दिया। इस पर दरोगा टिंकू कुमार व नैपाल सिंह उसके भाई को गंदी गालियां देने लगे। इसका जब उसने विरोध किया तो दरोगा टिंकू कुमार, नैपाल सिंह, सिपाही दीपक, पुष्पेंद्र राणा, मनोज, अंकित व तीन अन्य लोग जो सादा कपड़ों में थे और एंबुलेंस के ड्राइवर विजय ने एकजुट होकर उसके भाई को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। कहने लगे कि भागने वाले जुआरियों के नाम बता दे वरना उसे जान से मार देंगे। यह कहते हुए इन लोगों ने संतोष को जान से मारने की नीयत से बुरी तरह लात घूसों व राइफल की बटों से सिर व शरीर पर प्रहार किया। इससे वादी के भाई के सिर, सीने, पीठ व शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं।
वादी ने जब चीख पुकार की आवाज सुनी तो देखा कि पुलिस वाले उसके भाई को मार रहे हैं। उसने शोर मचाना शुरू किया तो यह सभी लोग उसके भाई को बुरी तरह पीट रहे थे। वह जब वहां पहुंचा तो उसका भाई बेहोश पड़ा हुआ था। उसे देखकर पुलिसवाले भागने लगे। एंबुलेंस ड्राइवर सभी पुलिस कर्मियों को अपनी एंबुलेंस में बैठाकर भाग गया। वादी ने रिपोर्ट में कहा कि परिवार वालों की मदद से वह अपने भाई को घर लाया और फिर इलाज के लिए अस्पताल ले गया। इलाज के दौरान उसके भाई की मौत हो गई। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता भुपेंद्र सिंह भडाना ने सभी आरोपियों का पक्ष रखा। कोर्ट ने अभियुक्त विजय, अंकित, दीपक, टिंकू कुमार, पुष्पेंद्र राणा व मनोज की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। इन सभी को एक-एक लाख रुपए के दो जमानती भी पेश करने को कहा।