अपने ही कॉलेज की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजे गए पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद अब मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता पद से हटाए जा सकते हैं, यह अटकलें संत समाज से बाहर किए जाने पर तेज हो गईं हैं।
स्वामी चिन्मयानंद ने एसआईटी की जांच के दौरान तेल मालिश वाले वीडियो में खुद को बताते हुए अपने किए पर शर्मिंदा होने की बात कही थी। इसके बाद से ही उनके प्रति संत समाज में सहानुभूति का असर कम हो गया और प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने उनके इस कृत्य को संत समाज को अपमानित करने वाला अक्षम्य बताया।
उन्होंने चिन्मयानंद को संत समाज से बहिष्कृत करने की घोषणा की। हालांकि आखिरी मुहर हरिद्वार में बैठक में लगेगी लेकिन उनकी इस घोषणा से जाहिर हो गया है कि अब स्वामी चिन्मयानंद को मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता पद से भी हाथ धोना पड़ सकता है।