ढाई साल के दौरान सिरौली नगर पंचायत की चेयरमैन ने अपने खाते में 30 लाख रुपये जमा कराए हैं। इस राशि को आय से अधिक मानते हुए और नगर पंचायत में घपले की आशंका जताते हुए वहां के सभासदों ने आयकर विभाग में शिकायत की है, जिसके आधार पर उनके खिलाफ जांच बैठा दी गई है। दूसरी और कमिश्नर और डीएम ने भी उसी आधार पर एडीएम प्रशासन को जांच सौंप दी हैं। सभासदों का आरोप है कि चेयरमैन ने यह रकम नगर पंचायत के कोष का गोलमाल करके एकत्रित की थी। जिसमें सोलर लाइट, निर्माण और डीजल में घोटाले का आरोप भी लगाया है।
सिरौली नगर पंचायत के सभासद न्यौतन लाल तथा अन्य ने चेयरमैन के स्टेट बैंक आफ बीकानेर एंड जयपुर में व्यक्तिगत बचत खाते में जमा डिटेल की फोटोकापी शिकायती पत्र के साथ लगाई है। जिसमें अगस्त 2014 से लेकर अब तक जमा धनराशि का उल्लेख किया गया है। चेयरमैंन के खाते में 21 अगस्त 2014 को एक मुश्त तीन लाख रुपये जमा हुए थे। इसके बाद 21 अगस्त को 70 हजार, 30 अक्तूबर को 49 हजार। आठ नवंबर 2014 को एक मुश्त चार लाख रुपये जमा किए। 9, 14 17, तथा 20 जुलाई 2015 को 49-49 हजार रुपये जमा किए गए।17 अगस्त को 50 हजार रुपये। 10 सितंबर को 50 हजार रुपये। 27 अक्तूबर को डेढ़ लाख। दो नवंबर को दो बार में 1.70 लाख रुपये जमा किए गए। इसी तरह यह धनराशि जमा करने का सिलसिला इस साल अक्तूबर माह तक रहा। आयकर विभाग ने लिखित शिकायत मिलने के बाद जंाच शुरू करने के साथ-साथ खाते की विस्तृत जानकारी बैंक से मांगी है।
सिरौली नगर पंचायत अध्यक्ष से जानकारी करनी चाही तो उनसे फोन पर बात नहीं हो सकी। चेयरमैन ममता पांडे के पति सुरेश पांडे से दूरभाष पर इस मामले में बात हुई तो उनका कहना था कि चेयरमैन पिछले महीने से बाहर गईं हुईं हैं। उनके खिलाफ आयकर विभाग में शिकायत की जानकारी मिली है। वहां से कुछ जानकारी मांगी गई थी, उन्होंने आयकर विभाग को बता दिया है कि आरोप अध्यक्ष के खिलाफ हैं, इसलिए वहीं कुछ बता सकेंगी।