समाज कल्याण विभाग के कार्यालय पहुंचे चेतराम ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया
बरेली/रामनगर। बुजुर्ग को कागजों में मृत दर्शाकर अधिकारियों ने पेंशन बंद कर दी। समाज कल्याण विभाग के कार्यालय पहुंचे बुजुर्ग ने जब खुद के जिंदा होने के प्रमाण के रूप में ग्राम प्रधान से लिखवाया कागज सौंपा तो अधिकारी उसे जिंदा मानने के लिए तैयार हुए। अब पेंशन बहाल करने की कवायद शुरू की गई है।
65 वर्षीय चेतराम रामनगर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत गुलेली के गांव खिरिया के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि सात जुलाई 2024 तक उन्हें पेंशन मिली। इसके बाद खाते में जब रुपये नहीं आए तो उन्होंने जानकारी की। 15 अक्तूबर को विकास भवन स्थित समाज कल्याण विभाग के कार्यालय पहुंचने पर पता चला कि कागजों में उन्हें मृत दर्शाकर पेंशन बंद की गई है।
यह सुनकर वह हैरान रह गए। कहा कि साहब मैं तो जीवित खड़ा हूं। इसके बाद भी पेंशन क्यों बंद की गई? यह सुनकर कार्यालय के कर्मचारी भी और अधिकारी तक चकित रह गए। उन्होंने चेतराम को बताया कि वह ग्राम प्रधान से जीवित होने का प्रमाण पत्र लिखवाकर दे दें। इसके बाद शुक्रवार को चेतराम प्रमाणपत्र लेकर कार्यालय पहुंचे। 15 दिन में उन्हें शिकायत का निदान करने का आश्वासन दिया गया है।
वार्षिक सत्यापन में हुई गड़बड़ी, बीडीओ को लिखा जाएगा पत्र
समाज कल्याण विभाग के अधिकारी सुधांशु शेखर ने बताया कि यह गड़बड़ी वार्षिक सत्यापन के दौरान हुई है। सत्यापन के दौरान सचिव ने रिपोर्ट बनाकर दी थी, इसके आधार पर किसान चेतराम को मृतक दर्शाया गया और उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई। सचिव के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीडीओ को पत्र भेजा जाएगा। संवाद