प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले ही चुनावी ललकार न लगाई हो लेकिन उनके साथ पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपना तरकश चुनावी तीरों से सजाया था। इसमें विपक्षी दलों पर हमला था, केंद्र सरकार के कार्यों की सराहना थी और किसानों के लिए दर्द भी झलकाया गया। जाते जाते जेएनयू प्रकरण भी जुबां पर आया। बोले देश विरोधी ताकतें आज देश को तोड़ने की बात करते हैं लेकिन अगर देश के मान, स्वाभिमान पर अगर कोई चोट करेगा तो उसको मुंहतोड़ जवाब देने की कूबत रखते हैं।
उन्होंने माइक संभालते ही नरेंद्र मोदी की सराहना शुरू की। कहा कि किसानों के लिए प्रधानमंत्री के दिल में कितनी चिंता है इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि वह विदेश दौरे पर जा रहे थे लेकिन मेरे पास फाइल भेजी की किसान बर्बाद हो चुके हैं। मुआवजे की फाइल आज ही तैयार जाए चाहे जितनी रात हो जाए। यूरिया की उपलब्धियों को किसानों के बीच रखते हुए कहा..याद कीजिए, इसी यूरिया के लिए कितनी कतार लगती थी, लाठियां खानी पड़ती थीं लेकिन इस बार प्रधानमंत्री की योजना से कहीं भी अफरा तफरी नहीं मची। उन्होंने विजन 2022 रखते हुए कहा कि बिजली 1800 गांवों में पहुंचाई गई है लेकिन यह वादा है कि 2022 तक कोई गांव नहीं बचेगा जहां बिजली न हो। यही नहीं सभी को छत की व्यवस्था भी इस अवधि में होगी ताकि कोई पैसों के अभाव में खुले आसमान के नीचे न रहे। राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी सरकार हर क्षेत्र में काम कर रही है लेकिन सपा, बसपा और कांग्रेस को कुछ दिखाई नहीं देता। चुटकी ली...बरेली का सुर्मा भेज दो बहुत प्रसिद्ध है, हो सकता है दिखाई देने लगे। उन्होंने कहा कि किसानों के मुआवजे के लिए 2086 करोड़ रुपये केंद्र ने दिए। यूपी सरकार की जिम्मेदारी थी कि यह मुआवजा ठीक से बांटते लेकिन बांटा नहीं गया। उन्होंने कांग्रेसी काल के भ्रष्टाचार की भी याद दिलाते हुए कहा कि तमाम मंत्री तब जेल गए थे लेकिन इस सरकार पर इतने दिन में भ्रष्टाचार की छींट तक नहीं पड़ी। आखिर में उन्होंने जेएनयू का नाम तो नहीं लिया लेकिन बोले कि भारत विरोधी ताकतें देश के टुकड़े करने की बात करती हैं लेकिन ऐसों को मुंहतोड़ जवाब देंगे। राजनाथ का यह भाषण चुनावी प्रचार समर का आगाज है।