समाजवादी पार्टी ने पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव को छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। महिपाल सिंह के साथ उनके रिश्तेदार रामनगर ब्लाक प्रमुख अनुराधा यादव और उनके पति जगपाल सिंह यादव को भी छह साल के लिए निकाला गया है। आंवला से पूर्व सांसद सर्वराज सिंह के बेटे सिद्धिराज सिंह को सपा का टिकट मिलने के बाद महिपाल सिंह ने पहले बगावती तेवर दिखाते हुए चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। बाद वह मान तो गए लेकिन सपा कार्यकर्ता से फोन पर चुनाव में बसपा प्रत्याशी अगम मौर्य या भाजपा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह का समर्थन करने का ऑडियो वॉयरल हो गया था। इसी आधार पर उन पर कार्रवाई की गई।
महिपाल सिंह को मुलायम सिंह यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते आंवला से सपा का टिकट दिया गया था। पिता पुत्र के झगड़े में भी वह मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह के पक्ष में खड़े नजर आए थे। प्रांतीय अध्यक्ष नरेश उत्तम ने उनको छह साल के लिए निष्कासित करने की घोषणा की। हालांकि महिपाल सिंह ने दिन में ये घोषणा की कि वह सपा प्रत्याशी का प्रचार कर रहे हैं लेकिन शाम को उनके निष्कासन की खबर आ गई।
ये हमारे विरोधियों (सर्वराज सिंह समेत अन्य) की साजिश है। मुझे खुलकर मुलायम सिंह यादव का साथ देने की सजा मिली है। 17 साल बाद मेरे प्रतिद्वंद्वी ने मुझे पार्टी से निकलवाकर मुझसे बदला लिया है। अब हम फ्री हैं। समर्थकों से बात कर आगे की रणनीति तय करेंगे। महिपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक