बरेली। पाकिस्तानी जासूस इजाज स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) से जुड़े रहे लोगों के भी संपर्क में था। खुफिया एजेंसियों को जो खबरें मिली हैं उनके मुताबिक इजाज रुहेलखंड परिक्षेत्र में सिमी से जुड़े रहे लोगों को साथ जोड़कर अपना नेटवर्क मजबूत करने में लगा हुआ था, लेकिन उसे पूरी तरह सफलता नहीं मिल पाई थी क्योंकि सिमी से जुड़े रहे लोग अभी भी खुफिया निगरानी में हैं।
पाकिस्तानी जासूस इजाज की गिरफ्तारी के बाद यह बात सामने आई है कि उसने सिमी से जुड़े लोगों से भी तार जोड़ने की कोशिश की थी। चिन्हित लोगों से उसने फोटोग्राफी के बहाने मुलाकात कर संपर्क बढ़ाने की कोशिश की थी। खुफिया एजेंसियां इजाज और सिमी के पुराने लोगों के कनेक्शन की असलियत जानने के लिए लगी हैं। सीओ एलआईयू नागेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि इजाज के संबंध में सभी कोणों से जांच की जा रही है। जिन लोगों से उसका मिलना जुलना है, सभी से बात करने की कोशिश की जा रही है।
बता दें कि बरेली शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर और मुरादाबाद में सिमी का काफी अच्छा नेटवर्क था। संगठन पर प्रतिबंध लगने के बाद 1996 से इससे जुड़े लोग इधर-उधर हो गए लेकिन इसके बावजूद भी खुफिया विभाग उन पर नजर रखती है।
इजाज के मददगारों के मोबाइल बंद
पाकिस्तानी जासूस के संपर्क में आगरा के पांच लोग
आगरा। मेरठ में पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद इजाज के मोबाइल फोन में मिले नंबर खुफिया एजेंसियों ने सर्विलांस पर ले लिए हैं। इनमें आगरा के पांच नंबर बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इजाज लंबे समय से इनके संपर्क में रहा है। लेकिन उसके पकड़े जाते ही इनके फोन बंद हो गए हैं। अब इनकी आईडी निकलवाई जा रही है। इसके बाद इन लोगों से पूछताछ की जा सकती है। इजाज दो बार आगरा में रात को रुका था। माना जा रहा है कि उसे ठहराने वाले भी यही लोग थे।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक इजाज के मिशन वेस्ट यूपी में पहले नंबर पर आगरा ही था। ताजनगरी के उसे तीन टारगेट मिले थे। पहला यमुना एक्सप्रेस वे, दूसरा ताजमहल और तीसरा एयरबेस। उसने तीनों जगह जासूसी की। इसके लिए उसने कई लोगों से दोस्ती भी की। इनसे पूछताछ के बाद ही पता चलेगा कि ये लोग अनजाने में उसका साथ दे रहे थे या फिर उसकी हकीकत जानकर भी देश से गद्दारी की। खुफिया सूत्रों ने बताया कि कई बार पूछे जाने पर भी उसने उन लोगों के नाम नहीं बताए हैं। उनके फोन सर्विलांस पर लगाए गए तो पता चला कि स्विच ऑफ हैं। कॉल डिटेल रिकार्ड का अभी अध्ययन किया जा रहा है। इसमें सैकड़ों नंबर हैं। पड़ताल में वक्त लगेगा। उसने आगरा के लोगों के जो नंबर बताए हैं, उनकी आईडी निकलवाई जा रही है। इनसे कुछ सुराग मिलने की उम्मीद है। अगर आईडी फर्जी हुई तो खुफिया एजेंसियों को सभी नंबरों की काल डिटेल निकलवाकर अध्ययन करना होगा। इनके मोबाइल फोन बंद हो जाने से इन पर शक बढ़ रहा है।
दो बार आया ताजमहल
आगरा। खुफिया पुलिस ने बताया कि इजाज दो बार ताजमहल पहुंचा। पहली बार उसने मालूम किया कि यहां कितनी भीड़ रहती है? वह बुधवार का दिन था। उसे पता चला कि वीकेंड पर ज्यादा पर्यटक आते हैं। इसके बाद शनिवार को आया। उसने आईएसआई को यह जानकारी भी भेजी कि ताजमहल पर सबसे ज्यादा भीड़ किस समय और किस जगह रहती है?
हरिद्वार अर्द्धकुंभ पर आतंकी साया, आतंकी इजाज का खुलासा
हरिद्वार (ब्य्रू)। उत्तर प्रदेश एसटीएफ की गिरफ्त में आए पाक जासूस इजाज का कबूलनामा यदि सही है तो अर्द्धकुंभ मेले पर आतंकी साया मंडरा रहा है। कुंभनगरी से महत्वपूर्ण जानकारी जुटाकर यह जासूस पाकिस्तान को भेज चुका है। जासूस से रायवाला कैंट का नक्शा मिलने से अर्द्धकुंभ पर आतंकी साया मंडराने की आशंका और बलवती हो गई है। गिरफ्तार आतंकी इजाज ने पूछताछ में कबूला कि उसने हरिद्वार में अगले वर्ष होने वाले अर्द्धकुंभ मेले को लेकर भी रेकी की है और इससे संबंधी कई जानकारियां उसने पाकिस्तानी में बैठे अपने आकाओं को मुहैया करवाई है। इसके लिए वह कई दिन तक हरिद्वार में रुका था। उसके पास से एसटीएफ को हरिद्वार में खिंचवाई गई एक फोटो भी मिली है। इस संबंध में अर्द्धकुंभ मेला डीआईजी जीएस मर्तोलिया ने कहा कि पुलिस टीम पूछताछ के लिए मेरठ भेजी जा रही है। अर्द्धकुंभ की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह चाक चौकस है। किसी श्रद्धालु को घबराने की जरूरत नहीं है।