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Silver Rate: चांदी की कीमत में रिकॉर्ड गिरावट से तनाव में आए निवेशक, मनोचिकित्सक से साध रहे संपर्क

Mon, 09 Feb 2026 09:45 AM IST
बरेली ब्यूरो अजीत प्रताप सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

चांदी की कीमतों ने निवेशकों को टेंशन दे दी है। कभी बेहिसाब बढ़त हो रही है तो कभी रिकॉर्ड गिरावट, जिससे निवेशक तनाव में आ रहे हैं। तनाव में आए निवेशक मनोचिकित्सकों से संपर्क कर रहे हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चांदी के भाव में बेहिसाब बढ़त के बाद रिकॉर्ड गिरावट से खरीदारों का मानसिक तनाव बढ़ रहा है। वित्तीय जानकारों से संतोषजनक जवाब न मिलने पर निवेशक मनोवैज्ञानिकों से संपर्क कर रहे हैं। बरेली में सप्ताह भर में आठ लोगों ने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके तनाव से निजात पाने के उपाय पूछे हैं।

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जिला अस्पताल स्थित मनकक्ष के मनोचिकित्सक डॉ. आशीष कुमार के मुताबिक, पिछले करीब साल भर से सोने-चांदी के भाव तेजी से बढ़े। सामान्य निवेशकों से इतर तमाम आम लोगों ने 'फियर ऑफ मिसिंग आउट (फोमो)' यानी कहीं मौका निकल न जाए... इस फेर में गाढ़ी कमाई से आर्थिक क्षमता के अनुरूप चांदी खरीद ली।

कई लोग ऐसे रहे जो लगातार कीमत में और बढ़त का इंतजार करते रहे जब भाव करीब चार लाख पहुंचे तब खरीदारी की। चार लाख का आंकड़ा छूने के बाद चांदी के भाव 2.60 लाख रुपये प्रतिकिलो तक आ गए हैं। ऐसे में इन निवेशकों को डर सताने लगा है कि जल्दबाजी का सौदा कहीं भारी न पड़े। 
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अन्य कार्यों के लिए सहेज कर रखे गए रुपये चांदी में निवेश करने वालों की स्थिति ज्यादा खराब है। नींद न आने से अन्य शारीरिक और व्यावहारिक परेशानियां हो रही हैं। इसमें चिड़चिड़ापन, आक्रामकता, अकेलापन, उदासी, चिंता, आत्मक्षति की स्थिति है।

कीमतों में आया उतार-चढ़ाव 
तिथि     सोना (10 ग्राम) चांदी (किलो) 
आठ फरवरी 1,61,000   2,61,000
सात फरवरी 1,62,000   2,40,000
छह फरवरी 1,58,000 2,45,000
पांच फरवरी 1,60,000 2,60,000
चार फरवरी 1,67,000 2,90,000
तीन फरवरी 1,59,000 2,66,000
(29 जनवरी 2026 को बरेली में चांदी 3.95 लाख रुपये किलो और सोना 1.90 लाख रुपये दस ग्राम था।)

केस-1
शाहजहांपुर रोड स्थित कॉलोनी की कामकाजी महिला ने चांदी के भाव 3.5 लाख रुपये पहुंचने पर खरीदारी की। भाव बढ़े तो निवेश पर खुश हुईं फिर भाव लुढ़कने से परेशान हो गईं। परिजन को निवेश का पता चला तो मानसिक तनाव से निजात के लिए काउंसलिंग के लिए पहुंचे हैं।

केस-2
इज्जतनगर निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी के परिवार में इसी वर्ष दिसंबर में शादी है। बढ़ते सराफा भाव पर इंतजार किया पर चार लाख भाव पहुंचने तक कहीं और महंगाई न बढ़े इसी भय में खरीदारी की, अब भाव लुढ़क गए। मानसिक तनाव में आने पर काउंसलर से संपर्क किया।
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अनिश्चित दौर में सुरक्षित निवेश की तलाश अहम वजह
डॉ. आशीष के मुताबिक, बीते दिनों सोने-चांदी के बढ़ते भाव सुर्खियों में रहे। रिश्तेदार, दोस्त, पड़ोसी आदि ने खरीदारी की तो कई लोगों को निवेश का सही वक्त प्रतीत हुआ। क्योंकि कीमतों में उछाल, शेयर बाजार में हलचल होती है तो गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने की ओर आदमी बढ़ता है। पिछले वर्ष के भाव से तुलना में लाभ प्रतीत होने पर खरीदारी की। देश में सोना और चांदी निवेश के सुरक्षित विकल्प भी माने जाते हैं।

विशेषज्ञ बोले- दीर्घकालिक योजना के तहत निवेश करना चाहिए
वित्तीय जानकार विपुल मेहरोत्रा के मुताबिक, कीमतों के बढ़ने के दौरान तमाम लोगों ने बिना सोचे समझे महज भविष्य में महंगाई के भय, भरोसे और सामाजिक सोच से खुद को जोड़कर खरीदारी की। जिन्होंने मुनाफे की उम्मीद में बचत के बजट से चांदी खरीदी, उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति से इन्कार नहीं कर सकते। कीमतें बढ़ें या घटें, जरूरत के अनुसार और दीर्घकालिक योजना के तहत निवेश करना चाहिए। 
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