क्षेत्र में सफाई व्यवस्था चौपट
सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि मलूकपुर की नाले व नालियों की सफाई पूरी तरह से नहीं हो रही है। नालियों में सिल्ट भरी हुई है लेकिन उन्हें कोई निकलने नहीं आता है। 14500 हजार की आबादी वाले वार्ड में 23 सफाई कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई लेकिन 7 से 8 कर्मचारी ही सफाई करने के लिए पहुंचते हैं, जिससे सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। बरसात का समय आ गया है, जिस दिन तेज बारिश होगी निचला इलाका होने के चलते घरों में पानी भरेगा और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
सड़क पर घूमते रहते हैं लावारिस पशु
लोगों ने निगम से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द नाले नालियों को साफ कराया जाए, जिससे बरसात में जलभराव की संभावना कम हो सके। बताया कि वार्ड की सफाई व्यवस्था जब से निजी हाथों में आई है तब से स्थिति और खराब हो गई है। कर्मचारी अपनी मनमानी करते हैं। लालता प्रसाद ने बताया कि क्षेत्र में पशुओं की संख्या बहुत अधिक है। गाय, सांड़ दिन भर सड़कों पर घूमते रहते हैं, लेकिन उन्हें पकड़ने की कोई व्यवस्था नहीं है। वार्ड में कुत्तों व बंदरों का आतंक है, कई बार कुत्तों के डर से लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। कई बार नगर निगम से शिकायत भी की जा चुकी है लेकिन उसका कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई टीम नहीं आई।
22 फुट चौड़ी सड़क पर अतिक्रमण
मलूकपुर वार्ड में 22 कई जगह 22 फुट चौड़ी सड़क बनी हुई है, लेकिन उस पर अतिक्रमण करके लोगों ने रोड को संकरा कर दिया है। मई महीने में निगम की ओर से मुन्ना कबाड़ी के खिलाफ अभियान चलाकर उनका सामान जब्त कराया गया था लेकिन उसके बाद भी फिर से रोड पर अतिक्रमण हो गया है। लक्ष्य रस्तोगी ने बताया कि तीन साल से वार्ड की कई सड़कें खस्ता हाल है लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। कई बार निगम को लिखकर दिया जा चुका है, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
नामित पार्षद सुमित सैनी ने कहा कि वार्ड में टूटी सड़कों की समस्या को स्थानीय लोगों की ओर से बताया गया है, रोड बनवाने के लिए निगम को लिखा गया है, जल्द ही सड़क को बनवाया जाएगा। पार्षद नीरज ने बताया कि वार्ड में 1.25 से विकास कार्य कराए जा चुके हैं। कई कामों की टेंडर हो चुके जो जल्द शुरू होने है। सफाई के लिए निगम के कर्मचारी नियमित होते है, जहां सफाई नहीं हुई है उन्हें दिखवाकर सफाई कराई जाएगी।