बरेली। राइफल क्लब के पास निर्माणाधीन नाले की शटरिंग गिर गई। इस दौरान वहां काम कर रहे मजदूरों की जान बच गई। मामले का संज्ञान नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने लिया और एक्सईएन को इसकी जांच सौंप दी। इस घटना की सूचना मिलने के बाद ही निर्माण विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
गांधी उद्यान वार्ड में राइफल क्लब के पास जल निकासी के लिए आरसीसी नाले का निर्माण कार्य 15वें वित्त आयोग की 86 लाख की लागत से किया जा रहा है। इसका टेंडर अरोड़ा वर्क को मिला है। बुधवार को निर्माणाधीन नाला निर्माण पर लगी शटरिंग अचानक गिर गई। इसके बाद हड़कंप मच गया। वहां काम कर रहे मजूदरों ने भागकर जान बचाई। इसकी सूचना नगर निगम पहुंची तो निर्माण विभाग के अधिकारियों में भी हलचल तेज हो गई।
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निर्माण में हो रही है लापरवाही
जांच को गई इंजीनियरों की टीम ने प्रथम दृष्टया निर्माण कार्य में लापरवाही पाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्यदायी संस्था ने नाला निर्माण में स्लैब डालकर नाले को कवर्ड किये जाने के लिए शटरिंग और स्कैप फोल्डिंग किया था। प्लाईवुड शटरिंग को बल्लियों के माध्यम से रोका गया था। कंक्रीट का कार्य कराते समय सरिया व कंकरीट के भार के कारण बल्लियां टेंढ़ी हो गईं और भार को सह नहीं सकी। इस वजह से आरसीसी कंक्रीट का सात मीटर से अधिक का भार नाले में गिर गया। स्लैब पर भी इसका असर दिख रहा है। घटना को देखते हुए बल्लियों को अघोमानक होना प्रतीत हो रहा है।
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कारण बताओ नोटिस, पांच दिनों में कार्यदायी एजेंसी को देना है जवाब
एक्सईएन राजीव कुमार राठी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें कार्यदायी फर्म से पूछा गया है कि अघोमानक श्रेणी का कार्य क्यों कराया गया? वहीं निर्देश दिए हैं कि इंपैक्ट लोडिंग से स्लैब की गुणवत्ता पूर्ण रूप से प्रभावित हुई है। इसके लिए क्षतिग्रस्त निर्माण को हटाते हुए नए सिरे से स्लैब की शटरिंग एवं मानक अनुरूप बल्लियाें का प्रयोग कर कार्य कराया जाए। इसके लिए सहायक अभियंता मुकेश शाक्य को निर्देश दिए हैं कि कार्य को सुनिश्चित कराया जाए। पांच दिनों में कारण बताओ नोटिस का जवाब एक्सईएन ने मांगा है। उन्होंने कहा है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्यदायी एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी। संवाद