बरेली। ''मनुष्य बालरूप में संसार में आता है और आयु पूरी होने के बाद विदा हो जाता है। वह अपने जीवन में बहुत कुछ करता है, फिर सोचता है कि उसने अपने लिए क्या किया? इस प्रश्न का उत्तर ढूंढने के लिए हमें प्रभु श्रीराम की कथा सुनना आवश्यक है। श्रीराम कथा हमें कुछ ऐसा करने के लिए प्रेरित करती है, जिसे हमारे जीवन के बाद भी लोग याद रखें। श्रेष्ठ व्यक्ति कुछ ऐसी परंपराएं छोड़ जाते हैं, जो युगों तक लोगों का मार्गदर्शन करती रहती हैं।''
मॉडल टाउन स्थित श्रीहरि मंदिर में पांच दिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ के अवसर पर बृहस्पतिवार को विख्यात कथावाचक प्रेमभूषण महाराज ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मनुष्य की श्रेष्ठता इसी में है कि आने वाली पीढ़ी को गौरवान्वित करने के लिए कुछ न कुछ अवश्य छोड़ जाएं। जो अपने विकारों को दूर नहीं कर पाते, उनका जीवन कष्टमय हो जाता है। कलयुग के मैल को धोने का एक मात्र उपाय श्रीराम कथा है। उन्होंने कहा कि सत्य के मार्ग पर चलकर धन अर्जित करने वाले लोग ही शाश्वत सुख पाते हैं। अधर्म पर चलने वाला कभी सुखी नहीं रहता।
इस दौरान प्रेमभूषण महाराज ने शिव विवाह का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि जब देवी सती हवन कुंड में कूदी थीं, तब उन्होंने भगवान से एक ही प्रार्थना की थी कि वह हर जन्म में भगवान शंकर की पत्नी बनें। उसके बाद उन्होंने पार्वती के रूप में जन्म लिया था। उनका विवाह शिवजी के साथ हुआ। शिव बरात का वर्णन सुनकर श्रद्धालु मगन होकर झूमने लगे। शुक्रवार को भगवान श्रीराम के जन्म की कथा होगी। आरएसएस के प्रांत संघ चालक शशांक भाटिया, भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, डीएम रविंद्र कुमार, उच्च शिक्षा आयोग के सदस्य डॉ. राधाकृष्ण दीक्षित, महिला आयोग की सदस्य पुष्पा, अरुण गुप्ता, केसी गुप्ता, कृष्ण कुमार मेहता, राजकुमार अग्रवाल, डॉ. शालिनी माहेश्वरी, राजेश कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद