94 वर्ष पुरानी है शोभायात्रा
श्रीकृष्ण लीला कमेटी के संरक्षक विजय कृष्ण गोयल ने बताया कि सिर्फ 200 मीटर का अंतर पड़ेगा। इसी तरह जन्माष्टमी के तीसरे दिन जया एकादशी पर श्रीगंगा महारानी शोभायात्रा निकाली जाती है। 94 वर्ष पुरानी शोभायात्रा के रूट में भी इस बार थोड़ा बदलाव किया है।
वापसी में नावल्टी से यह शोभायात्रा कुतुबखाना घंटाघर की ओर से जिला परिषद मार्ग होकर बिहापुर के रास्ते मलूकपुर के श्रीगंगा मंदिर पहुंचती थी, परंतु इस बार नावल्टी से सीधे जीआईसी मार्ग होकर जिला परिषद रोड पर आएगी।
श्रीगंगा महारानी पुष्पधा कमेटी के अध्यक्ष सुमित सैनी ने बताया कि यह स्थायी बदलाव है, इससे कोई दिक्कत नहीं है। इस बार झांकियों के 50 रथ, पांच बैंड और डीजे आदि होंगे। तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
यथावत रहेगा दधिकांदो शोभायात्रा का मार्ग
उधर, पुराना शहर के कटरा चांद खां स्थित मौर्य मंदिर से 135 वर्षों से निकाली जा रही दधिकांदो शोभायात्रा के रूट में कोई बदलाव नहीं हो रहा है। जन्माष्टमी के अगले दिन निकाली जाने वाली इस शोभायात्रा की तैयारियां जोर से चल रही हैं। चंद्र नगर धार्मिक समिति के उपाध्यक्ष दिनेश कुमार दद्दा ने बताया कि शोभायात्रा में दर्जनभर झांकियां और बैंड आदि शामिल होंगे। इसमें रथ पर विराजमान होने स्वरूपों के कलाकार वृंदावन से आ चुके हैं।