बरेली। कटरा चांद खां स्थित श्री सीताराम मंदिर से शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण की 137वीं दधिकांदो शोभायात्रा निकाली गई। अतिथियों ने रथ हांका तो आसमान से झरती फुहारों के बीच ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो बूंदें राह बुहार रही हों। जिस मार्ग से शोभायात्रा निकली, दोनों किनारे दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार लग गई। किसी ने अपने आराध्य को फल चढ़ाए तो किसी ने मिष्ठान। युवाओं की टोली के करतब और 17 नयनाभिराम झांकियां शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण रहीं।
श्री सीताराम मंदिर परिसर में कैंट विधायक संजीव अग्रवाल और जिला पंचायत की प्रशासक रश्मि पटेल ने भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक कर प्रथम आरती उतारी। इसके बाद पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन व महापौर उमेश गौतम ने भगवान की आरती उतारी। रथ को हांककर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण महाराष्ट्र से आए झांझ डमरू मंडल का प्रदर्शन रहा।
ग्वाल-बाल की तीन टोलियों ने शानदार करतब दिखाए। सबसे आगे ग्वाल-बाल, उसके बाद बैंड और भगवान श्रीकृष्ण का रथ चल रहा था। श्रीगणेश, शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण, भारत माता, खाटू श्याम, शिव परिवार, दुर्गा देवी, खाटू श्याम, और बजरंगबली की पंचमुखी झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। सबसे पीछे भजन मंडली लोगों को भक्तिरस से सराबोर कर रही थी।
रास्ते में अलग-अलग स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारी और भोग के रूप में प्रसाद वितरित किया। भक्त गलियों के दोनों ओर से भगवान के रथ पर फूल बरसा रहे थे। इस दौरान समिति के उपाध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट, राजेश अग्रवाल, डॉ. विनोद पागरानी, सर्वेश गुप्ता, तोताराम गुप्ता, रामेंद्र प्रसाद, पन्नीलाल मौर्य, सुशील गुप्ता, प्रदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।
यहां से गुजरी शोभायात्रा
श्री सीताराम मंदिर से शुरू होकर सिंधुनगर, ईसाइयों की पुलिया, बालजती कन्या इंटर कॉलेज, नवादा शेखान, ब्रह्मदेव त्रिवेदी मंदिर, तिरंगा होटल, सहसवानी टोला, जगतपुर, मीरा की पैठ, घेर जाफर खां, बजरिया, रोहली टोला, श्यामगंज, गंगापुर होते हुए कटरा चांद खां पहुंचकर शोभायात्रा संपन्न हुई। -
पुष्पवर्षा से किया शोभायात्रा का स्वागत
रिठौरा। गांव भड़सर में शनिवार को श्रीकृष्ण शोभायात्रा निकाली गई। हिंदू जागरण मंच व स्वाभिमान सभा के पदाधिकारियों की मौजूदगी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा समिति ने आयोजन किया। शोभायात्रा में देवी-देवताओं के स्वरूप की झांकियां शामिल की गईं। भजनों की धुन पर श्रद्धालु थिरकते हुए यात्रा में शामिल हुए। जगह-जगह पुष्पवर्षा से उनका स्वागत किया गया। संवाद