बरेली के फतेहगंज पश्चिमी के आशीष शर्मा पर गोली उसके नाबालिग दोस्तों ने ही चलाई थी। मंशा विरोधियों को फंसाने की थी। दरअसल, आशीष के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज है। इसमें समझौते के लिए उसने खुद ही यह षड्यंत्र रचा था। यह खुलासा पुलिस ने गोली चलाने वाले दोनों नाबालिगों को गिरफ्तार करके किया है।
फतेहगंज पश्चिमी के मोहल्ला ठाकुरद्वारा निवासी करुणा शर्मा की ओर से 18 अक्तूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें कहा गया था कि मोहल्ले के ही रवि सिंह, पवन उर्फ पन्नू और राहुल ने उनके बेटे आशीष को जान से मारने की नीयत से गोली मार दी है। इसमें आशीष घायल हो गया है। एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने जांच-पड़ताल की तो मामला संदिग्ध लगा। शुक्रवार को पुलिस ने शक के आधार पर आशीष के दो नाबालिग दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने सारा सच उगल दिया।
बताया, आशीष ने ही उन्हें तमंचा और कारतूस लाकर दिए थे और योजनाबद्ध तरीके से अपने ऊपर गोली चलवाई थी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बाइक और तमंचा भी बरामद कर लिया है। दोनों नाबालिगों को बाल किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया। एसपी देहात ने बताया कि झूठी रिपोर्ट लिखाने वाले आशीष के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।