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Bareilly News: चिकन रोल को बेस्वाद बताकर मारी थी गोली

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बरेली। नशे में धुत मयंक रस्तोगी उर्फ गोल्डन बाबा ने 120 रुपये के चिकन रोल को बेस्वाद बताकर बेहद गरीब कबाब कारीगर नसीर को गोली से उड़ा दिया था। पुलिस ने भी इस मामले में प्रभावी पैरवी की, जिससे केवल दस महीने में आरोपी को उम्रकैद की सजा मिल सकी।
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प्रेमनगर क्षेत्र में बीडीए दफ्तर के पास अंकुर सब्बरवाल का पंजाबी कार्नर है। यहीं पर नसीर अहमद काम करता था। नशे में धुत दोनों आरोपियों ने नसीर से अभद्रता करनी शुरू कर दी। कहा कि, चिकन रोल बेस्वाद है। नसीर शरीर से बेहद कमजोर व सीधे शख्स थे। उन्होंने व मालिक अंकुर ने कहा कि आपको दोबारा बनाकर दे देते हैं पर जब नसीर कार में प्लेट लेने गए तो गोल्डन बाबा ने फायर कर दिया। नसीर के गिरते ही ये लोग कार लेकर फरार हो गए।
मौके पर अधिकारी पहुंचे तो सीसीटीवी फुटेज से कार का नंबर पहचान में आ गया। आरोपियों की कद-काठी भी पता लगी। दो घंटे में ही पहचान हो गई कि मुख्य आरोपी गोल्डन बाबा है। प्रेमनगर पुलिस ने 12 घंटे के अंदर किला के बमनपुरी निवासी गोल्डन बाबा व उसके साथी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया था।
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नकली सोना पहनकर दिखाता था टशन
- बमनपुरी निवासी मयंक रस्तोगी को लोग गोल्डन बाबा और बप्पी लहरी भी कहते थे। वह अक्सर लोगों से कहता था कि उसे गोल्डन बाबा कहें। गोल्डन बाबा बनने के लिए मयंक दोनों हाथों की अंगुलियों में अंगूठियां, ब्रेसलेट और गले में चेन पहनता था। हत्याकांड के बाद पता चला कि सराफा परिवार से जुड़ा गोल्डन बाबा पूरा सोना नहीं पहनता था। वह टशन दिखाने के लिए नकली सोना पहनता था और पुरानी इनोवा को नई बनाकर चलता था। इसी दिखावे के जरिये वह अधिकारियों और नेताओं से दोस्ती कर फोटो खिंचवाता था। हत्याकांड के बाद उसके कई फोटो वायरल हुए थे।
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