फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: शूटर के दोस्त ने स्क्रीन रिकॉर्डर से वीडियो बनाकर किया वायरल

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। सेंट्रल जेल से ऑनलाइन चैटिंग करने के मामले में फंसा हत्यारोपी शूटर आसिफ पुराना खुराफाती है। वह शाहजहांपुर से बरेली सेंट्रल जेल तक खुराफात करता रहा है। इस बार उसके किसी दोस्त ने ही स्क्रीन रिकॉर्डर के जरिये बातचीत का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इससे उसकी हरकत सार्वजनिक हो गई। साथ ही जेल में गुपचुप चल रहा खेल खुल गया।
विज्ञापन

पुलिस की शुरुआती पड़ताल में ये बात सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार शाहजहांपुर के नामी ठेकेदार की सुपारी लेकर हत्या करने वाला मेरठ निवासी आसिफ पहले भी खुराफात कर चुका है। शाहजहांपुर जेल में बवाल करने के बाद ही उसे बरेली सेंट्रल जेल लाया गया था। सूत्रों के अनुसार आसिफ पहले भी अक्सर अपने दोस्तों और गुर्गों को ऑनलाइन वीडियो कॉल करता था। इंटरनेट कॉलिंग के जरिये अक्सर अपने गिरोह के लोगों से एक साथ बात कर लेता था। इसी क्रम में पिछले दिनों उसने इंस्टाग्राम पर लाइव चैट की थी। लाइव चैट का वीडियो वायरल हुआ तो जेल अफसरों ने मामला दबाने की कोशिश की। मीडिया में मामला उछलने के बाद यह भी तर्क दिया कि वीडियो पेशी के दौरान बाहर बनाया गया है। हालांकि पुलिस की जांच में स्थिति स्पष्ट हो गई कि कॉल जेल के अंदर से ही की गई। ऑनलाइन कॉल में आठ लोग जुड़े थे। साथ ही माना जा रहा है कि किसी साथी ने ही आई फोन से कॉल का स्क्रीन रिकॉर्डर से वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
हालांकि आसिफ ने किस मोबाइल का लाइव चैट के लिए इस्तेमाल किया था, यह अभी साफ नहीं हो सका है। अफसर आसिफ के मोबाइल को लेकर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। घटना को छह दिन गुजरने के बाद भी पुलिस की टीमें आसिफ से मोबाइल का राज पता नहीं कर सकी हैं। माना जा रहा है कि आसिफ का मोबाइल मिलने से जेल अफसरों की परेशानी और भी बढ़ सकती है।
विज्ञापन


...तो क्या जेल में बंद दूसरे कुख्यात भी चला रहे मोबाइल
आसिफ की बात करें तो वह इतना नामी बदमाश नहीं है। आसिफ से भी बड़े अपराधी सेंट्रल जेल में बंद हैं जिनमें बबलू श्रीवास्तव और मंगे सरदार जैसे कई नाम हैं। आसिफ जैसे शूटर के पास मोबाइल की सुविधा होने से सवाल खड़ा हो रहा है कि जेल में बंद बाकी चर्चित अपराधी भी तो मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। क्योंकि बड़े अपराधी मोबाइल के जरिये ही अपने गुर्गों को निर्देश देते हैं और रंगदारी भी वसूल करते हैं।

-
नए वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने संभाला कार्यभार
सेंट्रल जेल के नए वरिष्ठ अधीक्षक अविनाश गौतम ने रविवार को कार्यभार संभाल लिया। अभी तक जेल अधीक्षक का काम देख रहे विजय राय अब जेलर की भूमिका में रहेंगे। बंदी आसिफ को सहूलियत देने के मामले में विजय राय के खिलाफ जांच चल रही है, जिसमें कार्रवाई भी हो सकती है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें