किला की लड़की ने कोर्ट में खुद को बालिग बताकर अपने अपहरण की बात खारिज की
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कलमबंद बयान के आधार पर पुलिस ने देर शाम लड़की को परिवार के सुपुर्द किया
बरेली। किला इलाके की लड़की ने मंगलवार को अदालत में दिए बयान में बिलाल का बचाव करते हुए उस पर अपने अपहरण के आरोप को नकार दिया। उसने कहा कि वह बिलाल के साथ अपनी मर्जी से गई थी मगर अब अपने मम्मी-पापा के साथ जाना चाहती है। अदालत के आदेश पर इसके बाद पुलिस ने लिखापढ़ी कर शाम ढले उसे उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया।
इससे पहले पुलिस ने मंगलवार सुबह पौने नौ बजे लड़की को नारी निकेतन से निकाला और करीब साढ़े नौ बजे ही उसे लेकर अदालत पहुंच गई। सवा 12 बजे अदालत की कार्रवाई शुरू होने तक लड़की महिला पुलिस की अभिरक्षा में बैठी रही। इसके बाद करीब 20 मिनट तक लड़की का बयान कलमबंद किया गया और फिर उसे कड़े सुरक्षा घेरे में अदालत के दूसरे हिस्से में ले जाया गया। कुछ देर बाद थाना किला के विवेचक अजय शुक्ला लड़की के कलमबंद बयान का अवलोकन करने अदालत पहुंचे और फिर इस संबंध में एसएसपी को रिपोर्ट दी।
लड़की के बयान के आधार पर एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने मीडिया के लिए बयान जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि लड़की ने अपने अपहरण की बात नकारी है। अदालत में उसने कहा है कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से बिलाल के साथ गई थी। हालांकि इसके साथ ही उसने अपने मम्मी-पापा के साथ जाने की इच्छा जताई। कोर्ट में कागजात तैयार करने के बाद शाम साढ़े छह बजे उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
लड़की ने अदालत में बिलाल पर अपहरण के आरोप को गलत बताया और अपने घर चली गई है। बिलाल पर चोरी और जालसाजी कर आधार कार्ड बनवाने का आरोप है जिसकी वजह से वह जेल में है। विवेचना के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
टकराव की आशंका से छावनी में तब्दील किया कोर्ट परिसर
लड़की की अदालत में पेशी के दौरान दोनों पक्षों में टकराव की आशंका देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। अदालत खुलने से पहले सुबह करीब नौ बजे ही पूरे परिसर में कई थानों का फोर्स तैनात कर दिया गया। पुलिस साढ़े नौ बजे जब लड़की को अदालत लेकर पहुंची तो परिसर में सफाई चल रही थी लेकिन पूरे परिसर के अंदर और बाहर भारी फोर्स तैनात था।