बरेली। कलक्ट्रेट गेट पर आत्मदाह की कोशिश के मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पता चला कि मानपुर चिकटिया गांव निवासी कमलेश देवी ने प्रशासन को दबाव में लेने के लिए ऐसा किया। उसने कलेक्ट्रेट गेट पर ज्वलनशील पदार्थ तो उड़ेल लिया, लेकिन उनके पास माचिस ही नहीं थी। इनका मामला सिविल कोर्ट में चल रहा है।
कमलेश का आरोप है कि उनकी भूमि पर दबंगों की तरफ से फर्जी दस्तावेज तैयार करके निर्माण कराया जा रहा है। इसी के विरोध में यह कहानी रच डाली। एलआईयू व पुलिसकर्मियों ने उनसे कड़ाई से पूछताछ की तो महिलाओं ने बताया कि उनके पास माचिस नहीं है। जिलाधिकारी के समक्ष पूछताछ में भी पता चला कि महिला घर से ही माचिस लेकर नहीं चली थी। इससे यह स्पष्ट हुआ कि महिला ने प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए ऐसा किया।
महिला ने तीन माह पहले एडीएम न्यायिक से मामले की शिकायत की थी। उनके स्तर से भी मामले की जांच की गई थी। इसमें पता चला कि मुकदमा सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए वह कोई आदेश नहीं कर सके।
अग्निशमन यंत्र के लिए दिए 10 लाख रुपये
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने अग्निशमन यंत्रों के लिए 10 लाख रुपये दिए हैं। ये उपकरण कलक्ट्रेट गेट पर एलआईयू कक्ष में रखे जाएंगे। साथ ही दिनभर कार्यालयों में बैठने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के कक्ष में भी लगेंगे।
वर्जन
महिला अपनी बेटी के साथ आत्मदाह का प्रयास कर प्रशासन पर दबाव बनाने प्रयास करने आई थी। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उसका मामला सिविल कोर्ट में चल रहा है तो इसमें कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। मौके पर तहसीलदार को भेजकर जांच कराई जा रही है। निर्माण रुकवा दिया गया है। - अविनाश सिंह, जिलाधिकारी