मेयर डा. आईएस तोमर और सपा नेता डा. अनिल शर्मा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मेयर के उस बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि अनिल शर्मा ने सपा के ऊपर के नेताओं के कहने पर अपनी पत्नी का नामांकन मेयर के चुनाव में वापस लिया था न कि उनके समर्थन में, पर अनिल शर्मा ने आपत्ति जताई। 2012 में निर्दलीय सिंबल था। तब न तो सीएम का दबाव था और न ही किसी अन्य नेता का। अगर मेयर ऊपर के किसी नेता का दबाव साबित कर दें तो वह राजनीति से सन्यास ले लेंगे या फिर वह खुद राजनीति से सन्यास ले लें। वहीं मेयर ने कहा कि डा. अनिल शर्मा भाजपा के हाथों में खेल रहे हैं। भाजपा नेता उनको इस्तेमाल कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी अखिलेश गुट से कैंट विधानसभा से मेयर डा. आईएस तोमर और सपा नेता अनिल शर्मा ने टिकट का दावा ठोंका है। दोनों ही नेता पहले से ही चुनाव न लड़ने की बात कहते रहे हैं। रविवार को खिचड़ी भोज के बहाने बुलाई पार्षदों की मीटिंग में अनिल शर्मा ने कैंट सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए कहा था कि पांच साल पहले उन्होंने मेयर के समर्थन में अपनी पत्नी का नामांकन वापस लिया था। अब मेयर की बारी है। इस पर मेयर ने अपने समर्थन में नाम वापसी की बात से इनकार कर अनिल शर्मा पर तंज कसा था।
इस पर अनिल शर्मा ने मेयर पर पलटवार करते हुए कहा कि डा. तोमर बड़बोलापन छोड़ दें। 2012 में सिंबल फ्री चुनाव था। किसी भी बड़े नेता ने नाम वापसी का दबाव नहीं बनाया था। इससे पहले डा. तोमर ने 2007 में सपा का टिकट ये कहकर लौटा दिया था कि सपा गुंडों की पार्टी है। तब जिलाध्यक्ष वीरपाल ने डा. अरुण कुमार को बमुश्किल चुनाव लड़ने के लिए तैयार किया था। अब वह किस मुंह से कैंट से सपा का टिकट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2012 में डा. तोमर शहर सीट से विधानसभा का चुनाव लड़े थे तो जनता ने उनको आइना दिखाया था। वह 100 वोटों से अपनी जमानत बचा पाए थे। उधर, मेयर डा. आईएस तोमर ने कहा कि अनिल शर्मा से उन्होंने नाम वापसी के लिए नहीं कहा तो फिर वह बताएं कि किसके कहने पर विदड्रा किया था। उनको जनता कई बार आइना दिखा चुकी है। वह दूसरी ताकतों के हाथों में खेल रहे हैं। भाजपा जैसी पार्टियां उनका इस्तेमाल कर रही हैं। कैंट से टिकट मिलने की उनकी गलतफहमी सोमवार को दूर हो जाएगी।
कोट--
हमारे जितने प्रिय डा. आईएस तोमर हैं, उतने ही प्रिय डा. अनिल शर्मा। दोनों के झगड़े में हम अनावश्यक रूप से टांग नहीं अड़ा सकते। वीरपाल सिंह यादव