मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की घोषणा में शामिल शहामतगंज फ्लाईओवर का निर्माण सोमवार को मशीन पर नारियल फोड़ने और भूमि पूजन के साथ शुरू कर दिया गया। महापौर डा. आईएस तोमर, मंडलायुक्त प्रमांशु, जिलाधिकारी पंकज यादव, नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने हवन करने के बाद संयुक्त रूप से भूमि पूजन किया। इसके बाद गड्ढा खोदने की मशीन पर नारियल फोड़ा गया। शहर को फ्लाईओवर मिलने की खुशी में दीपावली से पहले एक हजार पटाखों के धमाकों की पांच मिनट तक गूंज रही।
भूमि पूजन के बाद सेतु निगम के अस्थाई दफ्तर के सामने हुई सभा में मंडलायुक्त प्रमांशु ने कहा कि फ्लाईओवर बनने से न केवल ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी बल्कि नगरीय विकास का स्तर भी ऊंचा होगा। महापौर डा. आईएस तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके प्रयास को समझा। इसके चलते बहुत कम समय में शासन से बजट जारी हो सका। फ्लाईओवर बनने में किसी भी तरह की ढील नहीं होने दी जाएगी। वह खुद रोज इसकी मानीटरिंग करेंगे। व्यापारियों की समस्या का समाधान कराया जाएगा। व्यापारी चाहेंगे तो उनको लोडिंग अनलोडिंग के लिए मौलाना आजाद इंटर कालेज में जमीन दी जाएगी। शहामगंज से शहदाना तक तीन महीने में ग्राउंड के नीचे का काम पूरा कर लिया जाएगा। कार्यक्रम में सीएमओ डा. विजय यादव, अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह, सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके गर्ग, सुनील गिरी, वीके मौर्य, एक्सईएन गयूर अहमद, एनएसए डा. अशोक कुमार, पार्षद राजेश अग्रवाल, आलोक तायल, आरिफ कुरैशी, शालिनी जौहरी, विनोद सैनी, एजाज अंसारी आदि मौजूद थे।
शहामतगंज फ्लाईओवर एक नजर में
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की घोषणा- 10 जून 2013
शासन से फ्लाईओवर की मंजूरी- 22 जुलाई 2016
फ्लाईओवर का एरिया - बरेली कालेज गेट से बारादरी थाने तक
फ्लाईओवर की लंबाई - 1017.05 मीटर
निर्माण की लागत - 30.30 करोड़
विकास भवन साइड से शहामतगंज तक लंबाई- 243.75 मीटर
श्यामगंज चौराहे से शहदाना चौराहा तक लंबाई- 502.40 लाख
शाहदाना चौराहा से बारादरी थाना तक लंबाई- 270.90 लाख
फ्लाईओवर की ऊंचाई - 7.417 मीटर
सर्विस रोड- शहामतगंज चौराहे से शहदाना तक पुल के नीचे औसत तीन मीटर चौड़ाई की सर्विस रोड बनेगी। विकास भवन और बारादरी साइड में 3.80 मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनेगी।
फ्लाईओवर में पिलर होंगे - 31
फ्लाईओवर निर्माण पूरा करने की तारीख- 31 मार्च 2018
अत्याधुनिक मशीनों से होगा काम
शहामतगंज फ्लाईओवर निर्माण में विदेशी पार्ट वाली अत्याधुनिक टेक्नॉलाजी वाली मशीनों का प्रयोग होगा। 31 पिलर बनाने के लिए छह रिंग मशीनें लगेंगी। ये मशीन चार से छह घंटे में 20 मीटर गड्ढा खोदेगी। इनके अलावा स्विंग कटर, जेसीबी, हाइड्रा मशीनों से पुल निर्माण में तेजी लाई जाएगी। पिलर के लिए उच्च तकनीक वाली मशीनों से गड्ढे खोदने में धूल नहीं उड़ेगी। सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर सूरज कुमार गर्ग के अनुसार शहामतगंज से शहदाना तक तीन महीने में पिलर बनाकर खड़े कर दिए जाएंगे। इसके बाद पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए आवागमन खोल दिया जाएगा। दुकानदारों को भी लंबे समय से समस्या नहीं होगी।