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शहामतगंज, आईवीआरआई और लाल फाटक ओवरब्रिज के काम लटके

Mon, 23 Oct 2017 01:39 AM IST
बरेली।
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श्‍ाहामतगंज अाआेओवर ‌िबबि्र्रिज
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शहर के अंदर तीन बड़े ओवरब्रिज प्रोजेेक्ट शहामतगंज, आईवीआरआई और लालफाटक का निर्माण चल रहा है। त्योहारों की लंबी छुट्टियों में तीनों के निर्माण का काम लगभग थम गया है। समय पर बजट न मिलना भी काम रुकने की वजह रही। सितंबर के दूसरे पखवाड़े से अक्तूबर के आखिरी सप्ताह तक प्रगति की बात करें तो काम रफ्तार नहीं पकड़ सका। बस घिटता ही रहा है। क्षमता से कम कर्मचारी जैसे-तैसे काम निपटा रहे हैं। शहामतगंज ओवरब्रिज नवंबर में चालू करने के दावे किए गए थे लेकिन अब यह दिसंबर से पहले हैंडओवर होता नहीं दिख रहा। आईवीआरआई ओवरब्रिज का निर्माण लगभग 55 फीसदी ही हो पाया है। इसे मार्च 2018 में हैंडओवर करने की योजना थी लेकिन जिस गति से निर्माण चल रहा है, उससे इसे पूरा होने में कम से कम छह महीने ज्यादा लगेंगे। लाल फाटक फ्लाईओवर का निर्माण एक महीने से रुका पड़ा है। प्रस्तुत है तीनों प्रोजेक्ट के निर्माण की प्रगति पर अमर उजाला की रिपोर्ट।  
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शहामतगंज ओवरब्रिज
बरेली कॉलेज गेट से यह ओवरब्रिज प्रारंभ होता है। शहदाना मार्केट तक पुल के स्लैब बनाने का काम पूरा हो चुका है लेकिन फिनिशिंग का काम अभी बाकी है। मकान मालिक छतों के छज्जे तोड़ने में आनाकानी कर रहे हैं। रविवार को निर्माण की प्रगति देखने जब अमर उजाला की टाम यहां पहुंची तो तकनीशियन शहजादे लोहे की सरिया को डाई से तराशते मिले। बोले, आठ श्रमिक काम कर रहे हैं, लेकिन वे भी अड़चनों के चलते पूूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं। बिजली के खंभे नहीं हटे तो उनको पुल के नीचे दबाना पड़ा। शहदाना चौराहे पर चार से पांच स्लैब अब तक नहीं पड़े हैं। लोहे के जाल का झूला भी अधूरा है। बीच की काफी जगह खाली है। 1017.05 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज का निर्माण नवंबर 2017 में पूरा करने के दावे किए गए थे जो पूरे होते नहीं दिख रहे। सेतु निगम 90 फीसदी काम पूरा होने की बात कह रहा है।
  

लाल फाटक फ्लाईओवर  
कैंट से आगे रेलवे क्रासिंग पार करते ही धूल उड़ती दिखती है। दुकानदार इससे बचने के लिए मुंह पर मास्क लगाने लगे हैं। एक दुकानदार बोले, सेतु निगम के अफसरों को पता नहीं क्या सूझी कि वे क्रेन और फायलिंग मशीन खड़ी कर गायब हो गए। सड़क से 24 घंटे गुजरने वाले वाहनों से उड़ती धूल ने दुकानदारों को रोगी बना रखा दिया है। फ्लाईओवर का निर्माण तो अभी कायदेे से शुरू भी नहीं हो पाया है लेकिन सब धूल फांकने को मजबूर हैं। दोनों रेलवे क्रासिंग बंद होने पर यहां भारी जाम लग जाता है। जब फाटक खुलते ही तब तो दुकानों पर बैठना भी मुश्किल होता है। फ्लाईओवर निर्माण के लिए एक करोड़ का बजट मिला था जो खर्च हो गया है। उससे केवल मौरंग, बजरी ही इकट्ठी हो पाई है। फ्लाईओवर निर्माण शुरू कराने के लिए रक्षा मंत्रालय से एनओसी नहीं मिल पा रही है। 
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आईवीआरआई ओवरब्रिज
भारतीय पशु अनुसंधान केंद्र रोड से इस ओवरब्रिज का निर्माण रेलवे क्रासिंग पार नैनीताल रोड की ओर चल रहा है। इसके चलते रलवे क्रासिंग से नैनीताल रोड का रास्ता दो माह से बंद है। यहां का सब्जी बाजार पूरी तरह उजड़ चुका है। सब्जी विक्रेता रफीक की मानें तो इधर-उधर फड़ लगाकर सब्जी बेचनी पड़ रही है। रोड किनारे की दुकानों में भी छह महीने से धूल पहुंच रही है। रेलवे ने पुल का निर्माण देर से शुरू किया क्योंकि यह पुल 80 फीसदी सेतु निगम ओर 20 फीसदी रेलवे को बनाना है। नैनीताल रोड पर अभी 10 से ज्यादा स्लैब नहीं पड़ पाए हैं। यहां भी पर्याप्त संख्या में कर्मचारी न लगाने से काम की प्रगति धीमी है। दोनों ओर साइड पटरी पर गहरे गड्ढे हैं। इनसे रोजाना हादसे हो रहे हैं। सुबह और शाम पानी का छिड़काव भी नियमित नहीं किया जा रहा। सेतु निगम इंजीनियरों की मानें तो उन्होंने 60 फीसदी काम पूरा कर लिया है। रेलवे ने क्रासिंग पर दो माह पहले ही काम शुरू किया है। निर्माण मार्च 2018 में पूरा करने का लक्ष्य है। 


प्रोजेक्ट मैनेजर बीमार 
सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके गर्ग अचानक बीमार हो गए। पहले उनको सामान्य बुखार आया। जांच में डेंगू के लक्षण मिले। उनको एसआरएमएस के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज किया जा रहा है। 

कोट--
शहामतगंज ओवरब्रिज 90 फीसदी बन चुका है। दिसंबर तक उसे हैंडओवर कर दिया जाएगा। आईवीआरआई ओवरब्रिज 55 से 60 फीसदी तक बन चुका है। मार्च 2018 तक इसका काम पूरा होना है। लाल फाटक प्लाइ ओवर को मिला एक करोड़ का बजट खर्च हो चुका है। वहां एनओसी मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। त्योहार पर लेबर भी छुट्टी पर घर चली गई है। इससे भी काम प्रभावित हो रहा है। - सुनील गिरि, प्रोजेक्ट इंजीनियर  
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