भगत सिंह की कल्पना से उल्ट है आज का समाज
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद तरक्की तो हुई है लकिन पश्चिम का प्रभाव भी बढ़ गया। सामाजिक संरचना में परिवर्तन आया और लोग शहीदों की यादों को विस्मृत करते गए। आज का युवा भटक रहा है। सरदार भगत सिंह द्वारा उनके पिता कुलतार सिंह को लिख गई आखिरी चिट्ठी का भी उन्होंने जिक्र किया। कहा कि सरदार भगत सिंह ने जिस जातपात और भेदभाव रहित समाज की कल्पना की थी, आज स्थिति इसके बिल्कुल उलट है।
किरनजीत सिंह ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आज युवाओं को ध्यान देना चाहिए कि आजादी हजारों बलिदान देकर देश को आजादी मिली है। ऐसे में शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। शहीद भगत सिंह ने जिस समाज और देश की कल्पना की थी ऐसे समाज का निर्माण होना चाहिए तभी उन समेत सभी शहीदों का बलिदान सार्थक होगा।