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सेक्स रैकेटः आठ युवतियों समेत 15 को भेजा जेल

सार

वीरसावरकर नगर से गिरफ्तार शख्स को बताया मास्टरमाइंड मगर अदालत में नहीं किया पेश
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जेल जाते आरोपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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विस्तार
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एफआईआर में विधायक के भाई का नाम नहीं, कई और को भी छोड़ा

बरेली। डोहरा रोड पर सेक्स रैकेट भाजपा विधायक के भाई के बरातघर में चल रहा था लेकिन पुलिस ने उसी का नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया। इस पर सवाल उठने के बाद अफसरों ने यह सफाई जरूर देनी शुरू कर दी कि विधायक के भाई ने बरातघर ठेके पर उठा रखा था। पुलिस ने रात भर में कई और खेल भी कर डाले। तीन लोगों को रात भर थाने में बैठाने के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस इज्जतनगर में सॉस फैक्टरी चलाने वाले एक युवक को इस धंधे का मास्टरमाइंड बता रही है। रात में ही पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया लेकिन बुधवार को उसे जेल नहीं भेजा गया।

मंगलवार शाम एसपी अभिषेक वर्मा की अगुवाई में डोहरा रोड पर बरातघर में सेक्स रैकेट पकड़ा गया था। बरातघर बहेड़ी विधायक छत्रपाल गंगवार के बड़े भाई झम्मनलाल गंगवार का है जो सीबीगंज इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल पद से रिटायर हुए हैं। बरातघर में मौजूद आठ युवतियाें और चार युवकों को हिरासत में लिया गया था। बरातघर में रहकर दिल्ली की मुस्कान सेक्स रैकेट में बतौर मैनेजर काम कर रही थी। पुलिस ने रात में ही कई जगह दबिश देकर कई और लोगों को उठाया। बुधवार को मुस्कान समेत आठ युवतियों और सात युवकों को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया गया। इनमें नवाबगंज इलाके का दिग्विजय भी शामिल था जो विधायक के भाई की ओर से बरातघर में बतौर केयरटेकर 24 घंटे रहता था।
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रात में ही करीब तीन बजे पुलिस ने वीर सावरकरनगर से सागर नाम के युवक को भी उठाया जिसे इस धंधे का मास्टरमाइंड बताया गया। सागर अभी तक पुलिस की ही हिरासत में है। पुलिस ने अपनी लिखापढ़ी में विधायक के भाई को साफ बचा दिया। इस पर सवाल उठे तो बुधवार को अफसरों ने सफाई दी कि विधायक के भाई ने बरातघर को ठेके पर दे रखा था। बरातघर को ठेके पर दिए जाने की पुष्टि पुलिस ने किस तरह की, इस सवाल का अफसरों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

रात भर थाने में बैठाने के बाद कथित पत्रकार समेत तीन को छोड़ दिया

उधर अफसरों ने निगाहें फेरीं और इधर चौकी पुलिस ने रात में कार्रवाई के नाम पर खेल कर डाला। बंडा इलाके के तीन लोगों को रातभर थाने में रखने के बाद छोड़ दिया गया। इनमें एक दिव्यांग युवक भी था जो खुद को एक चैनल का रिपोर्टर बताता था। अपने गांव से कार में ड्राइवर के साथ बरेली आता था और खुद को एक नेता के साथ रहना भी बताता था। बंडा का ही एक युवक पेस्टीसाइड और दूसरा मोबाइल शॉप चलाता है।

पुलिस अफसरों की क्लीन चिट पर कई सवालों का कोई जवाब नहीं

वीरसावरकर नगर से उठाए गए सागर सेक्स रैकेट चलाने के मामले में पहले से काफी बदनाम है। कोतवाली और इज्जतनगर की पुलिस उसे दो बार जेल भेज चुकी है। सागर की सॉस बनाने की फैक्टरी भी है जिसके बहाने वह महिलाओं के संपर्क में रहता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सागर के संपर्क में पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मणिपुर समेत कई राज्यों के साथ नेपाल की भी लड़कियां रहती हैं। सवाल उठ रहा है कि अगर विधायक के भाई को कुछ पता नहीं था तो उनके बरातघर में इतने शातिर धंधेबाज की एंट्री कैसे हो गई। उधर, बरातघर के आसपास के लोगों का कहना था कि बरातघर में रहने वाली लड़कियां शराब पीने के बाद अक्सर नशे में सरेआम हंगामा करती थीं, जिसकी कई बार विधायक के भाई से शिकायत की गई थी। लिहाजा यह भी सवाल है कि विधायक के भाई ने इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया। कटघरे में खड़ा करने वाला एक तथ्य यह भी है कि दिग्विजय नाम के शख्स को विधायक के भाई ने ही बरातघर का केयरटेकर बना रखा था जो हर वक्त वहां रहता था। पुलिस ने दिग्विजय को जेल भी भेजा है।
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