बरेली में घने कोहरे ने राजधानी और वंदे भारत समेत लगभग सभी अप-डाउन गाड़ियों की चाल को प्रभावित किया है। शनिवार को बरेली होकर गुजरने वाली 35 से ज्यादा गाड़ियों ने 14 घंटे तक इंतजार कराया। शीतलहर और कोहरे के बीच यात्री जंक्शन पर ठिठुरते रहे। ट्रेनों की लेटलतीफी की शिकायत पर रेलवे की ओर से दृश्यता कम होने का हवाला दिया गया।
शनिवार को 22453 राज्यरानी एक्सप्रेस 14 घंटे, 22417-18 महामना एक्सप्रेस सात-सात घंटे, 12391-92 श्रमजीवी एक्सप्रेस, 12232 चंडीगढ़-लखनऊ सुपरफास्ट, 13005-06 अमृतसर-हावड़ा मेल चार-चार घंटे देरी से आईं। 20504 राजधानी एक्सप्रेस ने दो, 22545 लखनऊ-देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस ने एक घंटे और 22490 मेरठ-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस ने 1:15 घंटे इंतजार कराया। 14242-41 नौचंदी एक्सप्रेस, 14206-05 अयोध्या एक्सप्रेस, 13019-20 बाघ एक्सप्रेस, 13152 कोलकाता एक्सप्रेस तीन-तीन घंटे देरी से आईं।
इसके अलावा 14208-07 पद्मावत एक्सप्रेस, 22454 राज्यरानी एक्सप्रेस, 13429 मामलदा टाउन एक्सप्रेस, 12469 कानपुर-जम्मूतवी एक्सपप्रेस, 12353 हावडा-लालकुआं मेल, 15716 गरीब नवाज एक्सप्रेस दो-दो घंटे, 12355 अर्चना एक्सप्रेस, 13010 दून एक्सप्रेस, 13307-08 सरयू-समुना एक्सप्रेस दो-दो घंटे, 15128 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस तीन घंटे, 12211 गरीब रथ एक्सप्रेस, 12429 लखनऊ-दिल्ली एसी सुपरफास्ट एक-एक घंटे लेटलतीफी का शिकार रहीं।
दिल्ली-मुरादाबाद रेलखंड में कॉसन से भी रफ्तार प्रभावित
ट्रेनों की रफ्तार बनाए रखने के लिए हरौली-डासना-पिलखुआ रेलखंड में पिछले माह ही ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग (एबीएस) यानी स्वचालित सिग्नल प्रणाली के तहत पिछले माह ही ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है, इसके बाद भी दिल्ली-मुरादाबाद रेलखंड में गाड़ियों की औसत रफ्तार में सुधार नहीं हुआ है। रेलखंड में दो स्थानों पर 15-25 किमी प्रति घंटा रफ्तार के कॉसन लगाए गए हैं। इस कारण भी यहां रफ्तार प्रभावित हो रही है। गाड़ियों को रोजना पड़ रहा है।