बरेली। सेतु निगम अपने लटके प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अब स्थानीय मजदूरों से ही काम लेने की तैयारी में है। इससे जहां दूसरे राज्यों से पलायन कर गांवों में लौटे स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिल सकेगा, वहीं बाहर से श्रमिकों को बुलाने में आ रही दिक्कतों का भी समाधान हो जाएगा। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय मजदूर मिलते ही दूसरे प्रोजेक्ट भी शुरू करा दिए जाएंगे।
दरअसल, लॉकडाउन में काम बंद हो जाने के बाद सेतु निगम के बिहार, झारखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल आदि प्रांतों के मजदूर अपने घर जा चुके हैं। अब उनकी वापसी नहीं हो पा रही है। लिहाजा शासन से निर्माण शुरू करने की अनुमति मिलने के बावजूद सेतु निगम अब तक अपने ज्यादातर प्रोजेक्ट शुरू नहीं कर सका है। अधिकारियों का कहना था कि लॉकडाउन में घर लौट गए मजदूरों को वापस नहीं बुलाया जा पा रहा है। हालांकि डीएम नितीश कुमार ने मजदूरों की जल्द व्यवस्था करने के निर्देश सेतु निगम के अधिकारियों को दिए थे। सेतु निगम का कहना है कि कुछ खास तकनीकी कार्यों को छोड़कर शेष कार्य पूरे कराने के लिए स्थानीय मजदूरों को ही लगाया जाएगा, ताकि उन्हें रोजगार मिल सके। फिलहाल चौपुला ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हो गया है। इसके बाद सेटेलाइट फ्लाईओवर और लालफाटक ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया जाएगा।
सेटेलाइट के लिए नहीं मंजूर हुआ 5.50 करोड़ का एस्टीमेट
सेटेलाइट ओवरब्रिज का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है, लेकिन चौराहे के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन के शिफ्ट न होने से पेच फंसा हुआ है। हालांकि सेतु निगम ने करीब आठ महीने पहले 5.50 करोड़ का बजट मंजूरी के लिए शासन को भेजा था लेकिन इसकी मंजूरी नहीं मिल पा रही है।
‘सेतु निगम अपनी अधूरी परियोजनाओं के लिए स्थानीय मजदूरों की तलाश कर रहा है। चौपुला के साथ दूसरे प्रोजेक्ट भी जल्द शुरू होने हैं।’ - वीके सेन, उप परियोजना अधिकारी, सेतु निगम