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बरेली प्रशासन की शिथिलता पर रक्षा मंत्रालय गंभीर

Thu, 11 Feb 2016 01:48 AM IST
बरेली
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बरेली। पठानकोट में आतंकी हमले के बाद त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा को लेकर रक्षा मंत्रालय गंभीर है लेकिन स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी इस मामले में अब तक कोई खास निर्णय नहीं ले पाए हैं। 13 जनवरी को प्रशासन के साथ वायु सेना के अधिकारियों की बैठक में जो भी फैसले हुए उन पर कितना अमल हुआ है। इस बारे में रक्षा मंत्रालय ने रिपोर्ट मांगी है। जिसके लिए स्कवाड्रन लीडर सिक्योरिटी पी आर अभिलाष ने डीएम से अपडेट मांगा है। क्योंकि यह रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंपी जानी है। उसी के आधार पर सुरक्षा इंतजामों के बारे में रक्षा मंत्रालय की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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एयरबेस के स्कवाड्रन लीडर (सिक्योरिटी) के इस पत्र के बाद प्रशासन में थोड़ी सी हलचल हुई है और एडीएम (सिटी) की ओर से नगर आयुक्त, एसपी सिटी, सीएमओ, बीडीए और एसडीएम सदर को पत्र भेजा गया है। जिसमें उनसे यह जानकारी मांगी गई है कि 13 जनवरी को हुई बैठक में लिए गए फैसले के आधार पर अब तक त्रिशूल की सुरक्षा को लेकर आपने क्या काम किया है। सबसे बड़ा मुद्दा एयरबेस के चारो ओर रिंग रोड निर्माण का है। इसके लिए हर हालत में जमीन चाहिए। वायु सेना के अधिकारी चाहते हैं कि 100 मीटर की परिधि से अवैध निर्माण ध्वस्त हों। इस मुद्दे पर प्रशासनिक स्तर पर निर्णय नहीं हुआ है। सिर्फ बीडीए के अधिकारियों ने औपचारिक मात्र सर्वे ही किया है। इस सर्वे रिपोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा तहसील और नगर निगम से भी सर्वे कराया गया था। इनकी भी सर्वे रिपोर्ट कमिश्नर के यहां नहीं पहुंची है।
इस मामले में रक्षा मंत्री मनोहर पारिकर भी स्थिति साफ कर चुके हैं कि त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा में किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा। उन्होंने इतना तक कहा है कि मैंने चार महीने पहले बरेली का दौरा किया था। दौरे  के समय त्रिशूल और आसपास के इलाके को नजदीकी से देखा है। इसलिए वहां सुरक्षा के लिए प्रशासन को मदद करनी चाहिए। वहां की सुरक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।   
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 कमिश्नर लखनऊ में, रिपोर्ट नहीं भेजी
बीडीए, नगर निगम और तहसील स्टाफ ने कमिश्नर के राजस्व परिषद की लखनऊ बैठक के कारण अपनी रिपोर्ट नहीं भेजी है। वह 12 फरवरी को लौटेंगे, उसी के बाद इन विभागों के अधिकारियों ने सर्वे रिपोर्ट कमिश्नर को प्रस्तुत करने का फैसला लिया है।

मुख्य  सचिव को भी दी जा रही है जानकारी
मुख्य सचिव आलोक रंजन को भी वायु सेना के सेंट्रल कमांड के अधिकारियों की ओर से त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा के लिए पत्र लिखा है। जिसमें 13 जनवरी को प्रशासनिक, पुलिस तथा अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक की कार्यवाही अमल कराने के लिए भेजी गई है। साथ ही इस मामले में अब तक हुई कार्रवाई का अपडेट भी मांगा गया है।
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