बाथरूम में फर्श पर पड़े थे सूर्यप्रकाश
आजम उनके घर काम करने वाली बाई को बुलाने गया। रात में जब वह लोग लौटकर आए तो देखा कि सूर्यप्रकाश बाथरूम में जमीन पर पड़े थे। उनकी नाक से पीला पानी व खून निकल रहा था। रिश्तेदारों को बुलाकर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर बेटा सिद्धार्थ बरेली पहुंचा। प्रेमनगर इंस्पेक्टर राजेश सिंह मुआयना करने पहुंचे तो अंदर बिस्तर की चादर व तकिये पर भी वही खून मिश्रित स्राव देखकर बेटे ने हत्या की आशंका जताई। तब पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। इंस्पेक्टर के मुताबिक इसमें हार्टअटैक जैसी स्थिति मिली है, फिलहाल कोई शिकायत भी नहीं है।
कायस्थ महासभा से जुड़े थे सूर्य प्रकाश
सूर्य प्रकाश शहर में फौजदारी के बड़े वकीलों में शामिल थे। कचहरी में पीछे की ओर उनका चैंबर भी है। हालांकि बुजुर्ग और अस्वस्थ रहने के कारण वह चैंबर में कम ही जाते थे। वह अखिल भारतीय कायस्थ महासभा बरेली की जिला इकाई में विधि प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष भी थे। वकीलों और कायस्थ समाज के कार्यों में बढ़ चढ़कर सहयोग करते थे।
जिलाध्यक्ष ने मौत पर उठाए सवाल
सूर्यप्रकाश के शव का शाम ढले सिटी श्मशान भूमि पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा बरेली के जिलाध्यक्ष आलोक सक्सेना समेत कई पदाधिकारी और वकील मौजूद रहे। आलोक सक्सेना ने बताया कि केडीएम इंटर कॉलेज की बमबोला फील्ड के मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा है।
सूर्यप्रकाश इस मामले में मजबूत पैरवी कर रहे थे। इस वजह से विरोधी पक्ष उनसे रंजिश मानता था। एक बार विवादित स्थान पर लगे उनके नाम के बोर्ड को हटा दिया गया। सूर्य प्रकाश की एंबेसडर कार वहां खड़ी होती थी, उसके शीशे तोड़ दिए गए। आलोक ने कहा कि सूर्य प्रकाश के पास फोन था, वह चाहते तो परिजनों को कॉल कर सकते थे। उन्हें अब भी यह घटना सामान्य नहीं लग रही है।