बरेली। राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान काष्ठ कला परिसर में मंगलवार को एक दिवसीय रोजगार मेला व अप्रेंटिसशिप का आयोजन किया गया। यहां 138 अभ्यर्थी पहुंचे। इनमें से सिर्फ 37 को ही नौकरी मिल पाई। इनमें 29 युवतियां व आठ युवक शामिल हैं।
रोजगार मेले में आए ज्यादातर युवा पैकेज को लेकर नाखुश दिखे। कहा कि आईटीआई और स्नातक डिग्री होने के बाद भी वेतन के नाम पर सिर्फ 13 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। इतने कम वेतन पर दूसरे शहर जाकर काम करना संभव ही नहीं है। किराया, खाना और यात्रा में ही वेतन का ज्यादातर हिस्सा व्यय हो जाएगा। बचत संभव ही नहीं है।
मेले में पहुंचीं युवतियां दूसरे शहर भेजे जाने को लेकर परेशान दिखीं। कहा कि वेतन पर एक बार परिवार को सहमत कर भी लेते हैं तो दूसरे शहर में नौकरी के लिए परिजन नहीं जाने देंगे। कई युवतियां काउंटर पर बैठे कंपनियों के प्रतिनिधियों से बरेली में ही तैनाती देने की अपील करतीं दिखीं। कंपनी की ओर से न का जवाब मिलने पर ज्यादातर प्रक्रिया पूरी किए बिना ही चली गईं। संवाद
नोएडा की एक कंपनी में नौकरी के लिए साक्षात्कार दिया। कंपनी की ओर से वेतन के नाम पर 13 हजार रुपये देने की बात कहने पर मना कर दिया। इतने कम वेतन पर नोएडा में रहकर काम करना संभव नहीं है। - रमेश गंगवार
साक्षात्कार के बाद नौकरी के लिए चयन हुआ है, कंपनी शुरूआत में नौ हजार रुपये प्रतिमाह देगी। कार्यस्थल बरेली में ही है, इसलिए सहमति दे दी। दूसरे शहर भेजे जाने पर इतने कम वेतन पर काम करना संभव ही नहीं होता। - गुलशिफा
फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है। साक्षात्कार के बाद चयन तो हो गया मगर वेतन सिर्फ नौ हजार रुपये ही है। पहली नौकरी है, इसलिए सहमति दे दी। यहां से काम सीखने में मदद मिलेगी। - सिमरन