दावतनामा आता है तो भी नहीं जाएंगे
मौलाना ने कहा कि दावतनामा नहीं आया है, आता भी तो जाने का सवाल नहीं उठता। हमारी शरीयत इसकी इजाजत नहीं देती। रामभक्तों ने मंदिर के लिए कोशिश की। अदालत ने हमारा स्वामित्व भी माना मगर आस्था के आधार पर उनके पक्ष में फैसला दिया, जिसे हमने स्वीकार कर लिया। पहले राम भक्त कहते थे कि हमारी आस्था कोर्ट से ऊपर है। अब हम भी कर रहे हैं कि हमारी आस्था कोर्ट से ऊपर है।
रामभक्तों के लिए पेश की मुबारकबाद
तौकीर रजा ने उन राम भक्तों के लिए मुबारकबाद पेश की, जिन्होंने राम मंदिर के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि आम हिंदुओं ने इसके लिए तमाम तकलीफें झेलीं। कहा कि ऐसे रामभक्तों को मैं सलाम करता हूं।