शहर में फ्लैग मार्च करते अधिकारी और पुलिसकर्मी
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मौलाना तौकीर रजा खान ने शुक्रवार को इस्लामिया मैदान पर सभा करने का एलान किया है। इसके मद्देनजर अफसरों ने शहर में चौकसी बढ़ा दी है। भारी संख्या में दूसरे जिलों से पुलिस बल मंगाया गया है, जिसे फिलहाल ड्यूटी बांटकर लगा दिया है। अफसरों ने बृहस्पतिवार को दिन में जिलेभर में बैठक कर लोगों से संवाद किया। शाम को डीएम और एसएसपी ने भारी पुलिस बल के साथ शहर में फ्लैग मार्च कर लोगों को सुरक्षा का अहसास कराया। एसएसपी ने कहा कि जिले में बगैर अनुमति के कोई भी कार्यक्रम या आयोजन नहीं हो सकता। अगर किसी ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि काफी सारे त्योहार चल रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर मिश्रित आबादी और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया गया। इसमें महिला रिक्रूट्स को प्रशिक्षण के तौर पर शामिल किया गया। जिले में कोई भी कार्यक्रम या आयोजन बगैर अनुमति के नहीं किया जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति के किसी कार्यक्रम में प्रतिभाग करने की कोशिश करता है या आयोजित करने की कोशिश करता है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोगों को उकसाता है तो उस पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
एसएसपी ने कहा कि दिनभर जिले में भ्रमण कर लोगों से संवाद किया गया। उन्हें सुरक्षा का अहसास कराया। आम जनमानस ने यह बात स्वीकार की है कि जनपद में सुरक्षा व्यवस्था बहुत अच्छी है। बीते त्योहार भी शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न हुए हैं। इसमें सभी लोगों का सहयोग रहा है। सभी लोगों का सहयोग मिल रहा है। लेकिन यह स्पष्ट है कि अगर कोई भी व्यक्ति कानून व्यवस्था में खलल डालने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कोई भी आयोजन बिना अनुति के नहीं होने देंगे। विगत दिनों में भी इस तरह की बात आई है तो वार्ता करके समाधान कर लिया गया।
एसएसपी ने कहा कि शुक्रवार को शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बताया कि जिले में करीब छह हजार पुलिस बल है। इसे संवेदनशीलता के आधार पर अलग-अलग इलाके में तैनात किया गया है। 300 लोगों की क्यूआरटी बनाई है। जिले में शांति व्यवस्था कायम रहेगी।
मौलाना तौकीर रजा ने ये कहा था
मौलाना तौकीर रजा ने 19 सितंबर को प्रेसवार्ता कर कहा था कि रसूल आजम के लिए आई लव मोहम्मद कहने पर जुर्म बना दिया गया है। इस पर मुकदमे लिखे जा रहे हैं। धर्म परिवर्तन के नाम पर एक तरफा कार्रवाई की जा रही है जबकि मुस्लिम बहन-बेटियों का धर्म परिवर्तन करने वालों पर कोई एक्शन नहीं लिया जाता। अब हद हो चुकी है। कहा कि जिन लोगों ने मुसलमान के साथ ज्यादती की है और रसूल आजम की शान में गुस्ताखियां की हैं। अगर ऐसे लोगों पर एक सप्ताह में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो हम सड़कों पर आने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी केंद्र और प्रदेश सरकार की होगी।