फंदे पर लटकी मिलीं किशोरियों के भाई ने बताया कि फिल्म आर्टिकल-15 में सब उल्टा सीधा दिखाया गया है। उनकी जातियां भी बदली गई हैं। वह अब कोर्ट जाएगा और फिल्म निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा। यहां बता दें कि तीन दिन पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में कानपुर के सामाजिक कार्यकर्ता पंकज दीक्षित की ओर से याचिका दाखिल करके फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति राम सूरत राम मौर्य तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने इसे पांच जुलाई को नियमित पीठ के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
फिल्म के खिलाफ उतरेगा ब्राह्मण समाज
शुक्रवार को कटरा सआदतगंज के ग्राम प्रधान मूलचंद मिश्रा के आवास पर ब्राह्मण समाज के काफी लोग एकत्र हुए। उन्होंने कहा कि कटरा कांड से ब्राह्मण समाज का कोई लेना देना नहीं था। पीड़ित और आरोपी पिछड़ी जाति के हैं। इसके बावजूद फिल्म में ब्राह्मणों को बदनाम किया गया है। सभी ब्राह्मण फिल्म निर्माता के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। इस दौरान प्रवेश कुमार मिश्रा, ह्दय नंदन मिश्रा, सुभाष मिश्रा, गौरव मिश्रा, अमित मिश्रा, शारदा पाठक आदि मौजूद रहे।
यह था मामला
यह मामला उसहैत थाना क्षेत्र के ग्राम कटरा सआदतगंज का है। यहां 27 मई 2014 को दो सगी चचेरी-तहेरी बहनों के शव गांव के बाहर आम के बाग में फंदे पर लटके मिले थे। इस मामले में तीन सगे भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दो सिपाही भी इसमें नामजद थे। शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच की लेकिन बाद में मामला सीबीआई के हाथ में पहुंच गया।