गुलियन बेरी सिंड्रोम बीमारी से जूझ रहे एक लड़के का इलाज कर रहा ट्रस्ट
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इलाज के दौरान ही निशांत के माता-पिता उसे छोड़कर चले गए थे
बरेली। एसआरएमएस ट्रस्ट के सचिव आदित्य मूर्ति ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर स्टाफ के साथ डीएम नितीश कुमार से मुलाकात की। उन्हें मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2017 से बिना अभिभावक के भर्ती निशांत गंगवार के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उसे अब इलाज की जरूरत नहीं है। प्रशासन मदद करे तो उसे किसी सक्षम संस्था को सौंप दिया जाए, जो उसकी केयर कर सके। इसके अलावा ट्रस्ट ने एक नोडल अधिकारी नामित करने की मांग की।
सचिव आदित्य मूर्ति ने डीएम को बताया कि मिनी बाईपास अवध धाम कॉलोनी इज्जतनगर निवासी निशांत गंगवार पुत्र कांता प्रसाद गुलियन बेरी सिंड्रोम से पीड़ित है। उसे 16 जुलाई 2017 को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान ही उसके माता-पिता छोड़कर चले गए थे। कालेज प्रबंधन की ओर से कई बार प्रयास किया गया लेकिन वह वापस नहीं आए। अब उनसे कोई संपर्क भी नहीं है।
उन्होंने बताया कि निशांत की अब सिर्फ फिजियोथेरेपी हो रही है। वह जिस वार्ड में भर्ती है, वहां अन्य बीमार बच्चे भी भर्ती होते हैं। ऐसे में निशांत को इन्फे क्शन का खतरा बना रहता है। डीएम से कहा कि ट्रस्ट चाहता है कि प्रशासन निशांत को किसी सक्षम संस्था निर्देश दे जो उसकी देखभाल कर सके। कहा कि इसके अलावा एक नोडल अधिकारी नामित कर दिया जाए, जिसे मेडिकल कालेज की ओर से निशांत की स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां समय-समय पर दी जा सकें।