पुलिस ने दर्ज किए बयान
आरोप है कि रविवार को वीर बहादुर ड्यूटी करने पहुंचा तो एसडीएम अजय उपाध्याय ने उसे डांटकर भगा दिया। इससे नाराज होमगार्ड ने बाजार से कीटनाशक खरीदकर पी लिया। कोतवाल राजकुमार कुमार शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर उसके बयान दर्ज किए।
होमगार्ड की पत्नी विमलेश कुमारी ने बताया कि तीन अक्तूबर को उनके पति एसडीएम के आवास पर ड्यूटी करने गए थे। फिर भी एसडीएम ने उनकी गैरहाजिरी लगा दी थी। प्रकरण अधिकारियों को भी बताया गया था। रविवार को एसडीएम के व्यवहार से तंग आकर पति ने यह कदम उठाया।
होमगार्ड की तैनाती कहीं और करने के लिए भेजा था पत्र : एसडीएम
एसडीएम अजय उपाध्याय का कहना है कि होमगार्ड वीर बहादुर के विरुद्ध मई में तहसील परिसर में मारपीट संबंधी एफआईआर दर्ज हुई थी। तहसील कार्यालय लोक व्यवहार के दृष्टिगत अतिसंवेदनशील होने के कारण एक अक्तूबर को ही वीर बहादुर को दूसरी जगह तैनाती देने के लिए बीओ नवाबगंज को कहा था। जिला कमांडेंट को भी पत्र भेजा था। फिर भी वह आवास पर पहुंच गया। उसकी तैनाती अन्य कहीं करने के लिए संबंधित को सूचित करने के कारण उसे वापस जाने के लिए कहा गया था।